बूंदी

वर्ष 2018 में होगें 43 सावे , 26 जनवरी को बसंत पंचमी का अबूझ सावा

बूंदी. इस साल 14 जनवरी दोपहर 1.47 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही सूर्यदेव अपनी उत्तरायण चाल चलेंगे।
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Updated: 5 Jan 2018, 3:58 PM IST
In 2018 it will be 43 years January 26 Basant Panchamis abuse
sawa

बूंदी. इस साल 14 जनवरी दोपहर 1.47 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही सूर्यदेव अपनी उत्तरायण चाल चलेंगे।अक्सर मकर संक्रान्ति से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है, लेकिन इस बार शुक्र ग्रह अस्त होने से 6 फरवरी से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।23 फरवरी से आठ दिन के होलाष्टक लगने से मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। इस बीच बसंत पंचमी के अबूझ सावे में शादी मांगलिक कार्य हो सकते है। गृह प्रवेश, भूमि पूजन, व्यापार आरम्भ, जनेऊ, मुंडन सावे आदि मांगलिक कार्य 4 फरवरी को शुक्र के उदय होने के बाद ही हो सकेंगे।


ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि 2018 में श्ुाद्ध 43 सावे होंगे। पिछले साल वर्ष 2017 में 6 0 सावे, नए साल में 22 जनवरी को बंसत पंचमी का अबूझ सावा रहेगा। सामान्यता मकर संक्रान्ति से सावे शुरू हो जाते हैं, लेकिन शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण 6 फरवरी से सावे शुरू होंगे।

तारा अस्त होने से जनवरी में कोई सावा नहीं
धनु का मलमास में एक महीने तक और शुक्र ग्रह के अस्त होने से इस साल जनवरी में कोई सावा नहीं है। शुक्र के उदय होने के बाद नए साल में 6 फरवरी को पहला सावा होगा। जबकि 23 फरवरी से आठ दिन के होलोष्टक लगने से मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे।

14 मार्च को लगेगा मीन मलमास
14 मार्च बुधवार रात 11.43 बजे से सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ मीन मलमास लग जाएगा। 14 अप्रेल को मेष में सूर्य प्रवेश होने से मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।

शुभ विवाह मुहूर्त
फरवरी- 6 , 7, 18 , 19, 20
मार्च- 2, 3, 5, 6 ,12
अप्रेल- 18 , 19, 20, 27, 28 , 29
मई- 8 , 9, 11, 12
जून-19, 20, 21, 22, 23, 25, 29
जुलाई- 2, 6 , 7, 10, 11
दिसम्बर- 12, 13

अबूझ एवं स्वयं सिद्ध मुहूर्त
22 जनवरी- बसंत पंचमी
17 फरवरी- फुलेरा दूज
18 अप्रेल- अक्षय तृतीया
24 अप्रेल- जानकी नवमी
30 अप्रेल- पीपल पूनम
22 जून- गंगा दशमी
21 जुलाई- भडल्या नवमी
23 जुलाई- देवशयनी एकादशी
19 नवम्बर- देवउठनी एकादशी

यह रहेंगे 9 रेखीय,10 रेखीय सावे
18 फरवरी 9 रेखीय, 20 फरवरी को 10 रेखीय, 2, 3 मार्च, 18, 19, 20, 27 अप्रेल,
21 जून और 12 दिसम्बर को 9 रेखीय और 13 दिसम्बर को 10 रेखीय सावा रहेगा।

ऐसे होती है गणना
लता दोष, पात दोष, युति दोष, वेध दोष, जामित्र दोष, पंचबाण दोष, एकगर्ल, उपग्रह दोष, कान्ति साम्य एवं दग्धा तिथि... इन दस दोषों का विचार करने के बाद ही शुभ मुहूर्त बनता है। रेखाओं की गणना इन्ही के आधार पर होती है। जितनी ज्यादा रेखाएं मुहूर्त उतना शुद्ध होता है।

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