
बूंदी। जिले के लाखेरी कस्बे में बुधवार रात आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान अचानक ऐसा विवाद खड़ा हो गया कि शादी की खुशियां तनाव में बदल गईं। बारात, तोरण, फेरे और अन्य सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन की विदाई से ठीक पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा और वर-वधू पक्ष के लोगों को थाने ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, लाखेरी निवासी नितिन और कोटा के कुन्हाड़ी क्षेत्र निवासी प्रियांशी का विवाह ब्रह्मपुरी में आयोजित किया गया था। विवाह कार्यक्रम के तहत वधू पक्ष के रिश्तेदार पहले ही लाखेरी पहुंच चुके थे और उन्हें एक गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। बुधवार को दिनभर विवाह की रस्में संपन्न हुईं, जबकि रात में निकासी, तोरण और सात फेरे भी शांतिपूर्वक संपन्न हो गए।
बताया गया कि फेरों के बाद दुल्हन विदाई से पहले अपने रिश्तेदारों के ठहरने वाले गेस्ट हाउस चली गई। इसी बात को लेकर वर पक्ष को संदेह हुआ कि दुल्हन को कहीं और ले जाया जा रहा है। इस आशंका के चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। सूचना मिलने पर लाखेरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए दोनों पक्षों को थाने लेकर आई।
गुरुवार सुबह दोनों परिवारों के सदस्य और समाज के कई लोग थाने पहुंचे। वर पक्ष की ओर से कृष्ण बिहारी शर्मा और वधू पक्ष की ओर से सुदर्शन शर्मा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस और समाज के वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में कई घंटे तक बातचीत और समझाइश का दौर चला।
आखिरकार दोनों पक्ष आपसी सहमति पर राजी हो गए और एक-दूसरे के खिलाफ दी गई शिकायतें वापस ले लीं। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और दोनों परिवार अपने-अपने घर लौट गए।
इस दौरान लाखेरी थाने में महिला कांस्टेबल उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले स्थानांतरित हो चुकी महिला कांस्टेबल को बुलाया गया, ताकि महिला से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा सकें।
'विवाद होने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर समझाइश की गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने प्राथमिकी वापस ले ली। और अपने-अपने घरों को लौट गए।' -हरिनारायण शर्मा, थानाधिकारी, लाखेरी