अभिभाषक परिषद से जुड़े वकीलों ने शहर कोतवाल द्वारा अधिवक्ता के साथ अभ्रदता करने व थाने में दर्ज एक प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह कलक्ट्रेट के बाहर सडक़ पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम के दौरान अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट के बाहर बेरिकेड्स व कलक्ट्रेट का गेट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
बूंदी. अभिभाषक परिषद से जुड़े वकीलों ने शहर कोतवाल द्वारा अधिवक्ता के साथ अभ्रदता करने व थाने में दर्ज एक प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह कलक्ट्रेट के बाहर सडक़ पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम के दौरान अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट के बाहर बेरिकेड्स व कलक्ट्रेट का गेट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी के दौरान अधिवक्ताओं के चेहरे पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गुस्सा नजर आया।
जाम के चलते सडक़ के दोनों ओर राहगिरों को परेशानी का सामना करना पड़ गाया। सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा समझाइश के प्रयास किए, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने बाद में वरिष्ठ अधिवक्ता की समझाइश के बाद जाम हटाया। इसके बाद अधिवक्ता जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिले ओर शहर कोतवाल द्वारा अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह के साथ अभद्रता कर बाहर निकालने के मामले में कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार अधिवक्ता गुरुदत्त ङ्क्षसह के साथ मारपीट की एक घटना के मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा साधारण धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया। अधिवक्ता के गंभीर चोटें आई थी। जबकि अधिवक्ता की रिपोर्ट होने के बावजूद महिला की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर चार्जशीट पर पुलिस आमदा हुई।
इसके बाद अधिवक्ता का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा व सचिव संजय कुमार जैन की अगुवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा से निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मिला और मामले में जब अधिवक्ता शहर कोतवाल से मिलने गए तो वहां अधिवक्ता पृथ्वीराज ङ्क्षसह के फोन बजने पर शहर कोतवाल बरस पड़े और अधिवक्ता के साथ अभ्रदता की। जबकि प्रतिनिधि मंडल थाने में शामिल अधिवक्ता गुरुदत शर्मा के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में मिलने गए थे। कोतवाली से बाहर निकलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को घटना से अवगत कराया।
उक्त घटना के दो दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से अधिवक्ताओं का रोष फूट पड़ा और कलक्ट्रेट के बाहर सुबह बेरिकेड्स व कलक्ट्रेट का गेट लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे जाम कर अधिवक्ताओं ने शहर कोतवाल के पुतले के साथ प्रदर्शन किया। बाद में वरिष्ठ अधिवक्ताओं की समझाइश पर अधिवक्ता माने और जाम हटाया। प्रदर्शन के दौरान अभिभाषक परिषद उपाध्यक्ष नारायण सिंह गौड़, सह सचिव कविता कहार, अजय सिंह मीणा, नईम हुसैन, जितेंद्र जैन, श्यामदत्त दाधीच, कैलाश नामधराणी, दिनेश पारीक, अरविंद प्रकाश शर्मा, मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, कमल कुमार जैन, पदम कुमार जैन, महावीर मीणा, कन्हैया लाल मीणा, हरीश गुप्ता, मनोज गौतम, आनंद सिंह नरूका, रवि शर्मा, कौशल शर्मा सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
एसपी को मौके पर बुलाने की मांग
अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए जाम की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा, पुलिस उप अधीक्षाक अरुण मिश्रा, सदर थाना प्रभारी रमेशचंद आर्य सहित कोतवाली व आरएसी जाब्ता मौके पर पहुंचा। अधिवक्ताओं को मौके पर पहुंचे पुलिस के उच्चाधिकारियों ने समझाइश के प्रयास किए, लेकिन वे नहीं माने और मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग करने लग गए। अधिवक्ता शहर कोतवाल के रवैये से नाराज थे। एसपी के मौके पर नहीं आने पर अधिवक्ता उग्र हो गए ओर पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करने लग गए। इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ताओं की समझाइश पर माने और जाम हटाया।
कलक्टर व एसपी से मिले
जाम हटने के बाद अधिवक्ता जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से उनके कार्यालय में मिले। जहां अधिवक्ताओं ने शहर कोतवाल द्वारा की गई अभद्रता पर कठोर कार्रवाई व अधिवक्ता गुरुदत्त ङ्क्षसह के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग रखी। इस पर पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।