गत 28 मार्च को जिला कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना के उपवन संरक्षक [डीएफओ] टी.मोहनराज को धमकाने के मामले में सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा। इस पत्र में घटनाक्रम से आहत डीएफओ ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर भविष्य में कलक्ट्रेट में होने वाली बैठक में खुद या उनके विभाग के कर्मचारियों के उपस्थित होने में असमर्थता जता दी है, वहीं बूंदी पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/बूंदी. गत 28 मार्च को जिला कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना के उपवन संरक्षक [डीएफओ] टी.मोहनराज को धमकाने के मामले में सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा। इस पत्र में घटनाक्रम से आहत डीएफओ ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर भविष्य में कलक्ट्रेट में होने वाली बैठक में खुद या उनके विभाग के कर्मचारियों के उपस्थित होने में असमर्थता जता दी है, वहीं बूंदी पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है। हालांकि दोनों अधिकारियों ने यह पत्र मिलने से इनकार किया। वहीं डीएफओ ने कई बार कॉल करने पर भी फोन नहीं उठाया।
गौरतलब हैं कि गत 28 मार्च को खेल राज्यमंत्री चांदना ने हिण्डोली और नैनवां क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान कई कार्यों में वन विभाग की आपत्ति को लेकर उन्होंने डीएफओ टी.मोहनराज से खासी नाराजगी जताई थी। चांदना ने मोहनराज को धमकाते हुए मौका आने पर एक ही दिन में जान निकालने की बात कही थी।
इस मामले को लेकर डीएफओ का शुक्रवार जिला कलक्टर डा. रविन्द्र गोस्वामी और पुलिस अधीक्षक जय यादव के नाम लिखा पत्र वायरल हो रहा। पत्र में मोहनराज ने लिखा है कि बैठक में मंत्री ने उन्हें खून के आंसू रूलाने और जान निकाल देने की धमकी दी, लेकिन न तो जिला कलक्टर ने उन्हें रोका और न ही उन्हें अपने विभाग का पक्ष रखने का मौका दिया। यह घटना उनके द्वारा मंत्री के एक पक्षीय कार्यवाही का समर्थन करती है। नैनवां-हिण्डोली पेयजल परियोजना की पत्रावली उन्हें 29 मार्च की रात 10 बजे बाद मिली, जबकि उन्हें इसे लम्बित रखने का आरोप लगाकर एक दिन पूर्व हुई बैठक में अपमानित किया गया। इस बारे में वे 29 मार्च को कलक्टर को स्पष्टीकरण भी भेज चुके हैं।
मंत्री ने गाली गलौच की
पुलिस अधीक्षक जय यादव को भेजे एक अन्य पत्र में डीएफओ ने कहा कि 28 मार्च को बैठक में मंत्री अशोक चांदना ने उनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का झूठा आरोप लगाया और मुझे बाहरी राज्य का बताकर गाली गलौच की। उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कार्रवाई करने और उन्हें पुलिस सुरक्षा देने की मांग की।
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मैं बाहर हूं। पत्र के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। एएसपी से बात कर लीजिए।
जय यादव, पुलिस अधीक्षक बूंदी
अभी मुझे ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। आप से ही जानकारी मिली है।
डॉ रविंद्र गोस्वामी, जिला कलक्टर बूंदी