बूंदी

Bundi: माता-पिता ने ₹50,000 में बेच दी 15 साल की बेटी, नाबालिग ने पुलिस को सुनाई दास्तां-मम्मी-पापा को कर्जा चुकाना था

Rajasthan Crime News: बूंदी के गांव में कर्ज के चलते माता-पिता द्वारा 15 साल की बेटी को गलत काम में धकेलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पीड़िता को एक मकान से मुक्त कराया।
2 min read
Jul 02, 2026
Minor Girl Case
AI जनरेटेड फोटो

बूंदी जिले के दबलाना थाना क्षेत्र के शंकरपुरा गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां कर्ज से परेशान माता-पिता ने अपनी ही 15 साल की नाबालिग बेटी को दुष्कर्म के दलदल में धकेल दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और दबलाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को एक मकान से मुक्त कराया है। पुलिस ने पीड़िता को आश्रय गृह भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर ने बताया कन्ट्रोल रूम जयपुर से सूचना मिली थी कि झालावाड़ जिले से कुछ नाबालिग बालिकाओं को खरीदकर शंकरपुरा गांव लाया गया है, जहां उनसे जबरन गलत काम करवाया जा रहा है।

मामले से दबलाना थाना पुलिस अधिकारी प्रिया व्यास को अवगत करवाया कर मदद मांगी। इस पर बूंदी जिले के दबलाना पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम शंकरपुरा गांव कंजर बस्ती में एक महिला के घर पर पहुंचे। पुलिस की भनक लगते ही घर के पुरुष सदस्य मौके से फरार हो गए और वहां कोई बालिका नहीं मिली।

सर्च ऑपरेशन में हुआ खुलासा

सूचना के आधार पर एक अन्य महिला दलाल के घर पर चाइल्ड लाइन टीम के दो सदस्य पहुंचे।उसमें से एक जने ने अंदर जाने पर दलाल ने उन्हें ग्राहक समझकर 500 रुपए में लड़की उपलब्ध कराने की बात कही। टीम सदस्य के कमरे के अंदर जाने नाबालिग पीड़िता ने सारी जानकारी दी। पुलिस टीम का संदेह होने पर महिला दलाल ने लड़की को दूसरे कमरे में छिपाने की कोशिश की लेकिन मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी कर 15 साल की किशोरी को बरामद कर लिया।

मम्मी-पापा अत्यंत गरीब हैं और उन पर कर्ज था: पीड़िता

पूछताछ में नाबालिग पीड़िता ने बताया कि उसके मम्मी-पापा अत्यंत गरीब हैं और उन पर कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए करीब डेढ़-दो साल पहले उसके माता-पिता ने एक बाहरी ग्राहक से पचास हजार रुपए लेकर उसे इस दलदल में धकेला था।

इसके बाद गांव की ही महिला दलाल ने पीड़िता के माता-पिता से 3 से 5 साल का अनुबंध कर लिया। महिला दलाल प्रति ग्राहक 300 से 500 वसूलती थी। पीड़िता के अनुसार उसके पास रोजाना 5 से 10 ग्राहक भेजे जाते थे। महिला दलाल खुद के मकान पर पीड़िता से ये काम करवा रही थी।

आरोपियों की तलाश जारी

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सीमा पौद्दार के समक्ष पेश कर उसे अस्थायी आश्रय दिलवाया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता ,पोक्सो और पीटा एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार महिला दलाल व अन्य की तलाश जारी है।

बाल कल्याण समिति का प्रयास रहेगा कि नाबालिग को उपलब्ध सरकारी योजनाओं एवं अन्य माध्यमों से आर्थिक सहायता प्रदान कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवन-यापन कर सकें। साथ ही, उन्हें उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप किसी तकनीकी अथवा कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
सीमा पोद्दार, बाल कल्याण समिति, बूंदी

Updated on:
02 Jul 2026 08:05 am
Published on:
02 Jul 2026 07:59 am