बूंदी के हट्टीपुरा क्षेत्र में चल रही औद्योगिक इकाइयों को अब बिजली की कमी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
बूंदी. बूंदी के हट्टीपुरा क्षेत्र में चल रही औद्योगिक इकाइयों को अब बिजली की कमी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। औद्योगिक कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को बार-बार बिजली बंद होने की समस्या से भी निजात मिलेगी। लगातार व अच्छी बिजली देने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम का 33 के.वी. जीएसएस बनकर तैयार हो चुका है। शहर से थोड़ी दूर टनल के पास डाइट के पीछे की ओर जयपुर विद्युत वितरण निगम का 33 के.वी. जीएसएस का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। यह जीएसएस बूंदी की औद्योगिक इकाइयों के लिए जीवनदान साबित होगा। औद्योगिक इकाइयों में अब बिजली संकट से काम ठप नहीं होगा। निगम सूत्रों के अनुसार हट्टीपुरा में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां वर्षों से चल रही है। वर्तमान में जिस फीडर से औद्योगिक इकाइयों को बिजली दी जा रही है उसी फीडर से क्षेत्र के आवास व दुकानों को भी बिजली दे रखी है। इससे आए दिन फाल्ट होने व बिजली ट्रिपिंग होने की समस्या पैदा हो रही है। बार-बार होने वाले फाल्ट को सुधारने के लिए बिजली बंद करनी पड़ती है। जिससे औद्योगिक इकाइयों का कामकाज भी ठप हो जाता है। ऐसे में नया 33 केवी जीएसएस बनने से औद्योगिक कार्य आराम से हो सकेगा।
आधुनिक है तकनीक
निगम सूत्रों के अनुसार 33 के.वी. जीएसएस लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। आधुनिक तकनीक से हुए निर्माण में जीएसएस में लेटिस टावर का उपयोग किया गया है, जो स्टील का होता है। इसके साथ ही एक कंट्रोल रूम बनाया है। जिसमें जीएसएस में होने वाले फाल्ट का तत्काल पता लग जाएगा। जहां कहीं भी फाल्ट होगा वहीं पर उसकी जानकारी मिली जाएगी। ऐसे में फाल्ट सुधारने में भी कुछ ही समय लगेगा।
व्यापारियों ने की थी मांग
श्रीचावल उद्योग संघ अध्यक्ष राजेश तापडिया ने पूर्व में विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक की बैठक में औद्योगिक इकाइयों की बिजली की समस्या को उठाया था। उन्होंने बिजली नहीं मिलने से ठप हो रहे काम की बात कही थी। इस पर प्रबंध निदेशक ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल औद्योगिक इकाइयों के लिए अलग से 33 केवी जीएसएस बनाने की स्वीकृति जारी की।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बूंदी.अधिशासी अभियंता बी.के.सिंह का कहना कि जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से औद्योगिक इकाइयों के लिए 33 केवी जीएसएस का निर्माण कराया गया है। काम लगभग पूरा होने वाला है। इससे शहर की औद्योगिक इकाइयों को भरपूर लाभ मिलेगा। उनकी बार-बार ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी।