
लबान (बूंदी): बूंदी जिले के गुहाटा गांव में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के निर्माणाधीन प्लांट की कंस्ट्रक्शन यूनिट में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यूनिट में स्थापित तीन बड़ी चिमनियां (सोयला) एक-एक कर भरभराकर नीचे गिर गईं। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से वहां कार्यरत दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे दोनों घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार देने के पश्चात बेहतर इलाज के लिए कोटा के एक निजी अस्पताल भेजा गया। हालांकि, देर शाम इलाज के दौरान एक युवा मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरे मजदूर की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा दोपहर के समय हुआ। जब प्लांट में मध्याह्न भोजन (लंच ब्रेक) चल रहा था। लंच टाइम होने के कारण अधिकांश मजदूर काम के स्थान से दूर भोजन करने गए हुए थे। यदि यह हादसा सामान्य कार्य समय के दौरान होता तो चिमनियों के नीचे दर्जनों मजदूरों की मौजूदगी के कारण जनहानि का आंकड़ा बेहद भयावह हो सकता था।
हादसे की सूचना मिलते ही बूंदी प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। लाखेरी के नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा प्रशासनिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। वहीं, देईखेड़ा थाना पुलिस भी भारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर तुरंत एंबुलेंस और मेडिकल टीम को तैनात किया गया, जो देर शाम तक राहत कार्यों के लिए घटना स्थल पर मौजूद रही।
एक के बाद एक तीनों चिमनियों का गिर जाना निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चिमनी से जुड़े एक तकनीकी उपकरण में अचानक आई खराबी के कारण पहली चिमनी गिरी, जिसके असंतुलन से बाकी दोनों चिमनियां भी ढह गईं।
प्लांट मैनेजर श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।