
Gudha Dam Bundi : गुढा बांध का दृश्य। फाइल फोटो पत्रिका
Gudha Dam Bundi : बूंदी के हिण्डोली उपखण्ड के सबसे बड़े गुढ़ा बांध के रखरखाव में जल संसाधन विभाग की लापरवाही सामने आई है। आधा सावन बीत जाने के बाद विभाग ने बांध के गेटों में ऑयल ग्रीस करने, मिट्टी के बैग भरने और एक चौकीदार की व्यवस्था के लिए निविदा जारी की है। जानकारी अनुसार, बांध के 30 गेटों का यह कार्य बारिश से पूर्व होना चाहिए था, लेकिन उच्च अधिकारियों ने अगस्त माह बीत जाने के बाद 14 अगस्त को इसकी स्वीकृति दी। गुढ़ा बांध में स्थापित स्काडा प्रणाली भी निष्क्रिय हो गई है। संवेदक के मार्च माह में अनुबंध पूर्ण कर चले जाने के बाद, स्थानीय अधिकारियों की बजट मांग पर उच्च अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। रखरखाव के अभाव में बैटरियां डिस्चार्ज हो गईं और लाखों रुपए की यह प्रणाली अब काम नहीं कर रही है। इससे बांध के गेट अब ऑटोमेटिक नहीं खुलकर मैनुअल तरीके से संचालित किए जाएंगे।
वर्तमान में बूंदी के गुढ़ा बांध में 29.30 फीट जल भराव है। गुढ़ा गांव के पूर्व सरपंच महावीर गुर्जर ने बताया कि यह कार्य बारिश से पूर्व किया जाना चाहिए था। गुढा बांध का स्काडा सिस्टम नहीं चलेगा तो बांध में कितना पानी आ रहा है। कितना छोड़ा जा रहा है। नहरों में कितना पानी छोड़ेंगे। इसका पता कैसे लगेगा।
गुढा बांध परियोजना समिति के अध्यक्ष शिवराम गुर्जर ने बताया कि गुढा बांध में राज्य सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर स्काडा सिस्टम लगाया गया था। उसे बंद करने के पीछे अधिकारियों की नियत समझ में नहीं आ रही है। स्काडा में इंटरनेट सेवाएं शुरू कर बैटरीयो को सही करवाने की मांग की है। बांध की सुरक्षा और गेटों की देखभाल उच्च अधिकारी भी ऑनलाइन देख सकते है। यदि बांध में अचानक पानी आ गया तो उसकी जानकारी कैसे रहेगी, यहां पर लगाए अलार्म नहीं बजेगी। गुर्जर ने बताया कि यदि स्काडा सिस्टम शुरू नहीं हुआ तो संगमों के अध्यक्ष आंदोलन करेंगे।
गुढा बांध के पानी को लेकर सोमवार को जल उपयोक्ता संगमों के अध्यक्षों की बैठक जिला कलक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित की जाएगी। जानकारी अनुसार गुढ़ा बांध के 16 जल उपयोक्ता संगमों के अध्यक्षों की बैठक बुलाई है, जिसमें बांध के पानी को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में जलसंसाधन विभाग के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
Updated on:
17 Aug 2026 10:53 am
Published on:
16 Aug 2026 07:54 pm
