
बूंदी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टाउन हॉल में आयोजित सपंर्क संवाद कार्यक्रम में कहा कि बूंदी की जनता ने नगरीय निकाय चुनावों में विश्वास और भरोसे के साथ जनप्रतिनिधियों को चुनकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अब सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे सेवा, संवेदना और समर्पण के साथ इस विश्वास पर खरे उतरें। जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल नगर परिषद या नगरपालिका के कार्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी प्रत्येक कठिनाई, दर्द और समस्या में उसका जनप्रतिनिधि उसके साथ खड़ा है।
बिरला ने कहा कि आने वाले समय में बूंदी के विकास को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा, जो राजस्थान में विकास का मॉडल बने। शहरी क्षेत्रों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी विकास और जनसेवा को और गति देनी है। कार्यक्रम की शुरूआत में सभापति भरत शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, केशवरायपाटन की पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने संबोधित किया। पूर्व विधायक ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष कुंजबिहारी बील्या, हेमराज नागर, भंवरलाल शर्मा, कालूलाल जांगिड़, छीतरलाल राणा, शौकीनचंद राठौर, जिला महामंत्री राधेश्याम गुर्जर मंचासीन रहे। सभापति भरत की अगुवाई में पार्षदों ने बिरला का अभिनंदन किया। संचालन जिला महामंत्री योगेंद्र शृंगी ने किया। पार्षद सुरेश अग्रवाल ने आभार जताया। इस दौरान उप सभापति संजय भूटानी, भाजपा नेता मौजी नुवाल, गोपाल लाठी आदि मौजूद थे।
बिरला ने कहा कि वे प्रत्येक परिवार के दस्तावेजों की जांच करें और जहां आधार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों में विसंगति है, वहां उसे ठीक करवाने में सहयोग करें। उन्होंने बूंदी में आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी केंद्र प्रारंभ किए जाने की बात भी कही। उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी विसंगतियों को समय रहते दूर करवाने पर विशेष जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से अभियान के दौरान एक भी घर नहीं छोडऩे की बात कहीं।
किसानों का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि ङ्क्षसचाई के लिए पानी की आवश्यकता सामने आने पर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार के स्तर पर चर्चा कर नहरों में पानी छुड़ाने का प्रयास किया गया,जिससे किसानों की फसल को राहत मिली।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फार्मर आईडी से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयां बताने के बाद इस विषय को भी जयपुर और दिल्ली के स्तर पर उठाया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं आने देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
बिरला ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में गांवों में सडक़, सामुदायिक भवन, अस्पताल, श्मशान सहित विभिन्न विकास कार्य हुए हैं और आने वाले ढाई वर्षों में विकास कार्यों को और गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति में सेवा को लक्ष्य बनाएं, पद को नहीं। टिकट मिले या नहीं मिले, जिम्मेदारी मिले या नहीं मिले, जनता की सेवा में निरंतरता रहनी चाहिए।