
बूंदी. जैतसागर झील में गणेश विसर्जन के दौरान लगी लोगों की भीड़।
बूंदी. छोटीकाशी बूंदी में गणपति बप्पा की महा विदाई के साथ 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन हो गया। हालांकि इस बार गणेश महोत्सव बारह दिनों तक चला। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को सुबह से देर रात तक शहर और जिलेभर में ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से करीब एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया गया। शहर के हर कोने से अलग-अलग अंदाज में विसर्जन जुलूस निकले। कहीं महिलाएं ढोल-नगाड़ों की थाप पर डांडिया खेलते हुए बप्पा को विदा कर रही थीं तो कहीं युवा अखाड़ा प्रदर्शन और डीजे की धुन पर भक्ति में लीन होकर नाचते-गाते चल रहे थे। हर वर्ग के लोगों में बप्पा की विदाई को लेकर उत्साह के साथ आंखे नम हो गई।
छोटे-छोटे बच्चों ने भी घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अपने हाथों से जलाशयों में विसर्जित किया। कई युवतियों ने विसर्जन से पहले बप्पा के कान में अपनी मनोकामना कही। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकली प्रतिमाएं जयकारों के बीच जैतसागर तालाब, नवल सागर और मांगली नदी पहुंचीं, जहां श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया गया।
शहर में मुख्य आकर्षण गणेश महोत्सव समिति की ओर से दोपहर बाद भूरा गणेश मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा रही। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैतसागर तालाब पहुंची, जहां मंगलमूर्ति का विसर्जन किया गया। बैंड-बाजों और ढोल की थाप के बीच समिति से जुड़े पदाधिकारी और श्रद्धालु ‘मोरया-मोरया’ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह व्यापारियों और आमजन ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। महोत्सव समिति प्रवक्ता अभिषेक जैन ने बताया कि इस अवसर पर उपसभापति संजय भूटानी, समिति अध्यक्ष विजयंत सिंह आमेरा, संरक्षक रोशन बडक़त्या, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी, पूर्व पालिका अध्यक्ष भगवान लाडला,पार्षद पेंशु सिंह,केसी वर्मा,राजकुमार दाधीच सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।
विसर्जन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से जैतसागर, नवल सागर सहित सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें तैनात रहीं। इसके अलावा लाइङ्क्षटग और बैरिकेङ्क्षडग की व्यवस्था भी की गई। अधिकारियों की निगरानी में देर रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया।
Updated on:
26 Sept 2026 12:03 pm
Published on:
26 Sept 2026 12:02 pm
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