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Bundi News :लॉटरी ने बिगाड़ा कईयों का गणित आरक्षण निकलते ही अरमानों पर फिरा पानी

पंचायतीराज चुनाव को लेकर जिले में सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी हरफूल ङ्क्षसह यादव की मौजूदगी में जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। एक-एक पर्ची खुलने के साथ सभागार में बैठे संभावित दावेदारों की धडक़नें बढ़ती गईं।
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lottery for zila parishad and panchayat samiti members

बूंदी. जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के लिए लॉटरी निकालते हुए।

बूंदी. पंचायतीराज चुनाव को लेकर जिले में सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी हरफूल सिंह यादव की मौजूदगी में जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। एक-एक पर्ची खुलने के साथ सभागार में बैठे संभावित दावेदारों की धडक़नें बढ़ती गईं। कहीं मनमाफिक आरक्षण आया तो चेहरे खिल उठे, वहीं सीट बदलते ही कई दावेदारों के महीनों से लगाए जा रहे चुनावी गणित पर पानी फिर गया लॉटरी के दौरान सभागार में बैठे नेता लगातार मोबाइल फोन पर अपने समर्थकों को सीटों की जानकारी देते नजर आए। किसी को अपनी सीट मिलने की खुशी थी तो कोई आरक्षण बदलने के बाद नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गया। पूरी सूची सामने आने के बाद कई पुराने दावेदारों के अरमान धरे रह गए, जबकि कई नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खुल गया।

प्रधान पदों ने बदले समीकरण

सबसे ज्यादा चर्चा प्रधान पदों के आरक्षण को लेकर रही। बूंदी पंचायत समिति प्रधान ओबीसी, दबलाना एससी, लाखेरी एसटी और केशवरायपाटन एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ। वहीं नैनवां सामान्य तथा तालेड़ा, खटकड़ और हिण्डोली सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। तालेड़ा, खटकड़ और हिण्डोली में महिला आरक्षण से कई पुरुष दावेदारों के सामने अब परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतारने का विकल्प रहेगा। दूसरी ओर आरक्षित वर्गों के संभावित दावेदारों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है।

दिग्गजों के अरमानों पर फिरा पानी

लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कई नेताओं की चुनावी तैयारियों को झटका लगा। जिन सीटों पर पुरुष दावेदार लंबे समय से सक्रिय थे, वहां महिला आरक्षण की पर्ची निकलने से उनका गणित बिगड़ गया। सामान्य महिला और एससी महिला सीट आने के बाद अब ऐसे दावेदारों को परिवार की महिला को मैदान में उतारने की रणनीति बनानी होगी।

जिला परिषद में महिलाओं की आधी भागीदारी

जिला परिषद के 27 वार्डों की लॉटरी ने भी कई दावेदारों को चौंकाया। सूची में सामान्य, सामान्य महिला, एससी, एससी महिला, एसटी, एसटी महिला और ओबीसी वर्ग के वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इनमें 13 वार्ड सीधे महिला आरक्षण के दायरे में आए हैं। अब आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद गांवों की राजनीति में नए सिरे से दावेदारी और समीकरणों का दौर शुरू होगा। कई पुराने दावेदार दूसरे वार्डों में संभावनाएं तलाशेंगे, जबकि आरक्षित सीटों पर नए चेहरों के नाम सामने आने लगे हैं।