बूंदी

Rajasthan : इथेनॉल फैक्टरियों से गुस्साए किसान-ग्रामीण, बूंदी में धरना तो हनुमानगढ़ में चल रहा 2 साल से आंदोलन

Rajasthan Ethanol Factory : राजस्थान में इथेनॉल फैक्टरियों को लेकर किसानों और ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बूंदी में धरना है तो हनुमानगढ़ में दो साल से आंदोलन चल रहा है।
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Rajasthan : सुवासा.इथेनॉल फैक्ट्री के बाहर लोगों की समस्याएं सुनती हुई महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष। फोटो पत्रिका

Rajasthan Ethanol Factory : बूंदी/हनुमानगढ़. प्रदेश में इथेनॉल फैक्टरियों को लेकर किसानों और ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बूंदी के सुवासा में फैक्टरी से दुर्गंध, प्रदूषण और अपशिष्ट पानी से फसल खराब होने समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीण दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। वहीं हनुमानगढ़ के टिब्बी में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्टरी के विरोध में किसानों का आंदोलन दो साल से जारी है।

सुवासा में 32 घंटे बाद भी धरना जारी

सुवासा-लाडपुर के बीच संचालित इथेनॉल फैक्टरी के विरोध में ग्रामीण दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। शुक्रवार को महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा और तहसीलदार भी धरना स्थल पर पहुंचे। ममता शर्मा ने फैक्टरी प्रबंधन से बात कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और समस्याओं के समाधान की मांग की।

फसल खराब होने का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा एवं अपशिष्ट पानी खेतों तक पहुंचने से फसलों को नुकसान हो रहा है। और फासले नष्ट हो रही है। किसानों ने अपशिष्ट पानी का उचित निस्तारण कराने तथा जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

वार्ता का दौर जारी है

ग्रामीणों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर जारी है शीघ्र ही मिल बैठ करके ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा हमारा स्टाफ ग्रामीणों से वार्ता कर रहा है।
द्वारिका प्रसाद मिश्रा, सीईओ पिंगाक्ष प्राइवेट लिमिटेड, लाडपुर

Rajasthan : हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी कस्बे में गुरुद्वारे के पास धरने में मौजूद किसान। फोटो पत्रिका

हनुमानगढ़ : निर्माण बंद, धरने पर डटे किसान

टिब्बी स्थित राठीखेड़ा के चक पांच आरके में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्टरी का निर्माण फिलहाल बंद है, लेकिन किसानों का विरोध जारी है। किसान कस्बे के मुख्य गुरुद्वारे के पास धरना दे रहे हैं। संघर्ष समिति का कहना है कि फैक्टरी का एमओयू रद्द करने और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तक धरना जारी रहेगा। फैक्टरी के विरोध में 12 अगस्त 2024 से आंदोलन चल रहा है।

भूजल स्तर घटने और मिट्टी खराब होने का डर

हनुमानगढ़ में टिब्बी इलाके में किसानों के पास बड़ी ज़मीनें हैं। टिब्बी इलाके की उपजाऊ काली मिट्टी और भूजल स्तर भी काफी अच्छा (50 फ़ुट) है। ऐसे में किसानों को चिंता सता रही है कि अगर फैक्ट्री की वजह से भूजल स्तर घट गया और प्रदूषण से जमीन (मिट्टी) खराब तब भारी दिक्कत हो जाएगी।

पंजाब और हरियाणा के किसान भी चिंतित

हनुमानगढ़ जिले से पंजाब और हरियाणा प्रदेश की सीमाएं लगती हैं। इन राज्यों के किसान और आम जनता के मन में भी आशंका है कि फैक्ट्री बनने के बाद उन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। इसलिए वे भी इस आंदोलन में शामिल हैं।

Updated on:
21 Aug 2026 08:56 pm
Published on:
21 Aug 2026 08:54 pm