
Rajasthan : फाइल फोटो पत्रिका
Sugar and Jaggery Prices : महंगाई की मार अब घरों में बनने वाली चाय के साथ ही हलुआ व मिष्ठान भंडारों पर भी दिखाई देने लगी है। पिछले कुछ समय में शक्कर व गुड़ के दामों में लगातार बढ़ोतरी होने से रसोई का बजट प्रभावित हुआ है। शक्कर पहले करीब 48 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, अब बढ़कर करीब 75 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं 60 रुपए प्रति किलोग्राम बिकने वाला गुड़ अब 80 हो गया है। ऐसे में आम परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
बीकानेर सहित राजस्थान में शक्कर के दाम बढ़ने का सीधा असर चाय की खपत और घरेलू बजट पर पड़ रहा है। सुबह-शाम चाय पीने वाले परिवारों में अब शक्कर का इस्तेमाल कम करने की बात सामने आ रही है। वहीं चाय ठेलों वालों ने चाय के कप की साइज कम कर दी है। साथ ही मिष्ठान भंडार पर मिठाई के दामों में प्रति किलो 25-50 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। गृहिणियों का कहना है कि पहले ही खाद्य सामग्री और अन्य घरेलू जरूरतों के दाम बढ़े हुए है, ऐसे में शक्कर व गुड़ के दाम में हुई बढ़ोतरी ने परेशानी और बढ़ा दी है। शक्कर व गुड़ के भाव बढ़ने से चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी असर दिख रहा है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा पेट्रोल में एथेनॉल सम्मिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने के रस और शीरे से तैयार होता है। चीनी मिलों में गन्ने का अधिक इस्तेमाल बायो-फ्यूल बनाने में करने के कारण चीनी उत्पादन के लिए उपलब्ध गन्ने की मात्रा में भारी गिरावट आई है।
मिलों में शक्कर का स्टाक कम बता रहे हैं। साथ ही एथेनॉल बीस प्रतिशत पेट्रोल व डीजल में चला जाता है। ऐसे में शक्कर व गुड के भाव बढ़ेंगे।
सम्पत बोथरा
शक्कर मंडी में 66 रुपए किलो है। वहीं गुड के भाव 68 रुपए किलो है। इसका मुख्य कारण एथेनॉल का एक हिस्सा पेट्रोल व डीजल को जाता है।
मुकेश धारीवाल
मिठाई तो घर में हर समय रहती है। लेकिन अब लगातार तीज-त्योहार आ रहे हैं। घर में मिठाई के चलते बजट बढ़ेगा। इस प्रकार भाव बढ़ते रहे तो मिठाई भी हमें कड़वी लगेगी।
सुधा डांगरा
Updated on:
21 Aug 2026 07:48 pm
Published on:
21 Aug 2026 07:47 pm
