बूंदी

Bundi : अब नौ की बजाय चार सिलेंडर ही मिलेंगे, घर का बजट डगमगाया

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। नए नियमों के अनुसार अब लाभार्थियों को वर्षभर में मात्र चार सिलेंडरों पर ही रियायत मिलेगी, जबकि पहले यह सुविधा नौ सिलेंडरों तक दी जा रही थी। हाल ही घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपए की बढ़ोतरी भी हुई है, जिससे आम जनता पहले से ही परेशान थी।

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Jun 13, 2026
Reduction in the number of cylinders
गैस सिलेंडर

गोठड़ा. बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने की घोषणा की है। नए नियमों के मुताबिक अब उपभोक्ताओं को वर्षभर में मात्र चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी, जबकि इससे पहले उपभोक्ताओं को साल में नौ सिलेंडरों तक यह सुविधा दी जा रही थी। हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपए की बढ़ोतरी भी हुई है, जिससे आम जनता पहले से ही त्रस्त थी। अब सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने से गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह से डगमगा गया है।

जिला रसद अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 1 लाख 44 हजार पांच सौ अधिक लाभार्थी है। इनमें से उज्ज्वला योजना के अधिकांश लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते है। इन गरीब परिवारों के लिए गैस पर मिलने वाली सब्सिडी रसोई के खर्च को चलाने में एक बड़ा सहारा थी, लेकिन अब मात्र चार सिलेंडरों के बाद उपभोक्ताओं को बाजार दर (बिना सब्सिडी) पर महंगे दामों में गैस सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे रसोई का खर्च बढऩा तय है।

यूं हुई थी योजना की शुरुआत

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान करना है, ताकि उन्हें चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिल सके और स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ सके। इसके तहत महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन बांटे गए थे।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सामान्य परिवार में सालभर में कम से कम दस सिलेंडरों की खपत आसानी से हो जाती है। ऐसे में सिर्फ चार सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलने की घोषणा से बाकी के सिलेंडर महंगे दामों पर लेने होंगे। केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर लाभार्थी महिलाओं में आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार ने मुफ्त कनैक्शन देकर चूल्हे के धुएं से आजादी तो दी, लेकिन अब सिलेंडर महंगे कर दिए हैं और सब्सिडी भी छीन ली है। पहले ही गैस की किल्लत व लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सिलेंडर लेना मुश्किल हो रहा था। अब सरकार ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाकर हमारी परेशानी और बढ़ा दी है। साल में केवल चार सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलने से हम जैसे गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार को इस फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए।

नए नियमों का गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में पीएम उज्जवला योजना के तहत फिलहाल पुराने नियम के तहत ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शिवजी राम जाट, जिला प्रवर्तन अधिकारी बूंदी

Published on:
13 Jun 2026 12:02 pm