बूंदी

इतिहास के पन्नों में न गुम हो जाए आरटीडीसी होटल

शहर में चार दर्जन से अधिक पेईंग गेस्ट हाउस, फिर कैसे बंद हुई वृंदावती उठ रहे सवाल, पर्यटन व्यवसाय पर सीधा असर

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Nov 15, 2017
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बूंदी. पर्यटन नगरी के नाम से पहचान बना चुके बूंदी शहर में विदेशी पर्यटकों के लिए चार दर्जन से अधिक पेईंग गेस्ट हाउस और आधा दर्जन होटलें चल रही है। जिनमें बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी ठहर रहे हैं। ऐसे में एक मात्र सरकारी होटल को बंद करने के निर्णय को यहां जानकार लोगों ने शहर के साथ कुठाराघात बताया।


शहर की सबसे पुरानी एकमात्र सरकारी होटल को बंद करने में सरकार ने जल्दबाजी कर दी। जबकि शहर में बीते वर्षों में होटलों की संख्या घटने के बजाए बढ़ी है, कई नई होटलें खुली है। जो विदेशियों से अच्छा खासा मुनाफा भी कमा रहे हैं। निजी होटल संचालक विदेशी सैलानियों को सुविधाएं देकर परिवार का पेट पाल रहे हैं।

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ऐसे हालातों में आरटीडीसी की होटल को घाटे में बताकर अचानक से बंद कर देना लोगों को रास नहीं आ रहा है। बूंदी में पहचान बना चुकी आरटीडीसी की होटल अब इतिहास हो जाएगी। इसे बंद करने से आमजन में नाराजगी का माहौल नजर आ रहा है। सरकार की अनदेखी ही होटल के बंद होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।

ऑन लाइन होती थी बुकिंग
शहरभर में वर्षों से चल रहे होटल व गेस्ट हाउसों में ठहरने के लिए विदेशी पर्यटक ऑन लाइन बुकिंग करवाते हैं। ऑन लाइन होटलों व उनकी सुविधाओं को देखकर विदेशी नागरिक बूंदी शहर की होटलों में कमरे बुक कर लेते हैं। ऐसे में अब ऑन लाइन बुकिंग से शहर की सबसे पुरानी आरटीडीसी की होटल वृंदावती का नाम हट जाएगा।

सबसे पहले 'पत्रिका'
राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले लोगों को बता दिया था कि सरकार होटल वृंदावती को बंद कर सकती है।होटल में कार्यरत कर्मचारियों ने मौखिक आदेशों के बाद यहां बुकिंग करना बंद कर दिया था। अब होटल पर ताला लगाने के आदेश भी जारी हो गए।

Published on:
15 Nov 2017 04:39 pm