बूंदी

गोशाला में एक दर्जन गोवंश मृत मिलने से गांव में फैली सनसनी

कस्बे की श्रीचारभुजा गोशाला में रविवार को एक दर्जन गायों की मौत का मामला उजागर होने
2 min read
• •
Updated: 21 May 2018, 12:30 PM IST
Sensation spread in the village from the death of a dozen cattle in Go
गोशाला में एक दर्जन गोवंश मृत मिलने से गांव में फैली सनसनी

देई. कस्बे की श्रीचारभुजा गोशाला में रविवार को एक दर्जन गायों की मौत का मामला उजागर होने पर गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर देई थानाधिकारी व तहसीलदार ने भी गोशाला पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। वहीं इस मामले में हिंदूसेना ने पुलिस को रिपोर्टदेकर कार्रवाईकी मांग की।
जानकारी के अनुसार गोशाला में गायों के मृत पड़े होने की सूचना पर हिंदू सेना अध्यक्ष हेमंत बैरवा के नेतृत्व में पदाधिकारी व कार्यकर्ता गोशाला पहुंचे। जहां पर 11 गोवंश मृत पड़ा मिला, दो गायें तड़पति मिली। सूचना पर तहसीलदार गजराज सिंह, देई थानाधिकारी मनोज सोनी, पटवारी प्रभुलाल मीणा पहुंचे। वहीं पशु चिकित्सकर्मी दशरथ सिंह ने दोनों गायों का उपचार शुरू किया। इनमें से एक गाय की उपचार के दौरान मौत हो गई। ऐसे में गोशाला में मृत गोवंश की संख्या एक दर्जन हो गई। इनमें से कुछ गोवंश जला हुआ भी दिखाईदिया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने रोष व्यक्त किया। गोशाला में जांच पड़ताल करने पर 13 गोवंश ही मिले। जबकि गोशाला के चौकीदार ने 60 गोवंश होने की बात कही।

ऐसे में संगठन के देई उपाध्यक्ष करण सिंह, संगठन मंत्री योगेंद्र महावर, नगर मंत्री कमल कहार, महासचिव शानू शर्मा, सचिव इंद्रजीत महावर ने पुलिस व प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गईतो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उधर इस मामले में देईथाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फूड पॉइजनिंग बता रहे कारण
गोवंश का पशु चिकित्साकर्मियों द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया। ताकि मौत की सच्चाईसामने आ सके। चिकित्सक मुकेश मीणा ने बताया कि गायों की मौत का मुख्य कारण फूड पॉइजनिंग माना जा रहा है। सड़ा गला व दूषित भोजन का सेवन करने से मौत हुई है।

मामले की जांच के लिए नमूने लिए हैं, रिपोर्ट में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। वहीं गौशाला में मृत 12 गायों में से तीन गायों का ही पोस्टमार्टम किया गया। शेष 9 गायों की स्थिति पोस्टमार्टम जैसी नहीं थी। इनकी मौत चार से पंाच दिन पूर्व होना माना जा रहा है। वहीं 3 गायों की मौत भी 30 घंटे के भीतर हुई है। ऐसे में गोशाला प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आईहै।

Published on: