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बूंदी: शिक्षक को चुनाव ड्यूटी में लगाया, बच्चे उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठे

ढाई माह से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में चुनाव कार्य में लगा रखे विद्यालय के शिक्षक को वापस लगाने के लिए रालड़ी प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।
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Apr 28, 2026
students protest
फोटो पत्रिका

नैनवां( बूंदी)। ढाई माह से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में चुनाव कार्य में लगा रखे विद्यालय के शिक्षक को वापस लगाने के लिए रालड़ी प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। बच्चों के धरने पर बैठते ही अधिकारी हरकत में आ गए। तहसीलदार व शिक्षा विभाग के अधिकारी तत्काल उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। चुनाव कार्य में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में लगा रखे अध्यापक को विद्यालय के लिए रिलीव कर दिया। शिक्षक को रिलीव करने के बाद ही बच्चों ने धरना समाप्त किया।

बम्बूली पीईईओ के अधीन रालड़ी गांव के प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त शिक्षक को इकरामुद्दीन को उपखण्ड अधिकारी ने 4 फरवरी से ही चुनाव कार्य के लिए उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर लगा रखा था। शिक्षक के चुनाव कार्य पर लगा दिए जाने से विद्यालय शिक्षक विहीन हो जाने से विद्यालय संचालन के लिए रजलावता पीईईओ को विद्यालय संचालन के लिए दूसरे विद्यालयों से बदल-बदल कर शिक्षक भेजने पड़ रहे थे, जिससे विद्यालय का शिक्षण कार्य पर प्रभावित हो रहा था।

बार-बार शिक्षक बदल-बदलकर भेजने से प्रभावित हो रहे शिक्षण कार्य प्रभावित होने से परेशान बच्चें मंगलवार को विद्यालय जाने की जगह कंधों पर बस्ते लटकाकर अभिभावकों के साथ उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। बच्चों के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही सीबीईओ ओमप्रकाश बुनकर व एसीबीईओ अनिल गोयल व उसके बाद तहसीलदार रामराय मीणा भी उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंचे।

बच्चों व अभिभावकों से बात की। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक को मंगलवार को ही विद्यालय के लिए कार्यमुक्त करने के आश्वासन के बाद बच्चों ने धरना समाप्त किया।तहसीलदार रामराय मीणा का कहना है कि उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में चुनाव कार्य में लगा रखे शिक्षक को विद्यालय के लिए रिलीव कर दिया।

हर तीसरे दिन बदलते रहे शिक्षक

बच्चों व अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय में नियुक्त शिक्षक उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में लगा होने से दूसरे विद्यालयों से हर तीसरे दिन शिक्षक बदल-बदलकर भेज रहे। बच्चों को शिक्षक का नाम का पता चलता, उससे पहले ही शिक्षक बदल जाता। ढाई माह से यही सिलसिला चल रहा है।

Updated on:
28 Apr 2026 05:56 pm
Published on:
28 Apr 2026 05:56 pm