बूंदी. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की सरकार चार साल तक विकास के कार्यों को रोककर बैठी रही।
बूंदी. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की सरकार चार साल तक विकास के कार्यों को रोककर बैठी रही। कांग्रेस सरकार की जनकल्याण की योजनाओं को बंद कर दिया। चार वर्षों में जनता को अराजकता, भ्रष्टाचार और युवाओं को बेरोजगारी के सिवाय कुछ नहीं मिला है। गहलोत सोमवार को बूंदी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परवन नदी पर बांध की हर बजट में घोषणा की गई, लेकिन बांध का निर्माण पूरा नहीं हुआ। रिफाइरी को रोककर बैठी रही। पहले लगती तो प्रदेश को अब तक फायदा मिलना शुरू हो जाता। इस राज में बिना पैसों के कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार की नाक के नीचे जयपुर में लूट मची हुई है। सरकार जिला कलक्टर तक को हटा चुकी है। गहलोत ने कहा कि गृहमंत्री खुद कह चुके हैं कि रात को दो-ढाई बजे तक पुलिस कमिश्नरेट खुलता है। गृहमंत्री का यह कहना कि पुलिस अपना काम करें, जमीनों का काम करना छोड़े। यह इतिहास में आज तक नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री ने पद्मावत फिल्म मामले को सरकार की सोची-समझी साजिश बताया।
विकास होगा मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्य मुद्दा विकास होगा। इस सरकार ने प्रदेश में विकास को पीछे धकेल दिया। भाजपा का मानना है कि विकास से वोट नहीं मिलते।
भवन बनाते फिर नाम रखते
गहलोत ने राजीव गांधी भवनों का नाम बदलने के मामले में सरकार को खूब आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी ऐसा नहीं किया। सरकार गांवों में भवन बनाती और उनके नाम रखती। इससे ग्रामीणों को भी फायदा पहुंचता और उन्हें खुशी मिलती। जयपुर में शिक्षा संकुल का नाम बदल दिया। यह पाप हमने कभी नहीं किया। प्रदेश में ऐसी नाकारा सोच रखनी वाली सरकार पहले कभी नहीं बनी। देश के लिए शहीद हुए प्रधानमंत्री का नाम बदलना इनकी छोटी मानसिकता का परिचय देती है।
हाड़ौती में माहौल कांग्रेस के पक्ष में
गहलोत ने दावा किया कि पूरे हाड़ौती में माहौल कांग्रेस के पक्ष में हैं। यहां विकास कितना हुआ यह सब जानते हैं। बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा भी मौजूद थे।