Tribal Folk Dance : बुरहानपुर ने रचा इतिहास, 24 घंटे जनजातीय लोक नृत्य कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम। आडिटोरियम में लगातार किया नृत्य। आदिवासी गीतों पर जमकर झूम उठे अफसर और जनप्रतिनिधि।
Tribal Folk Dance : रविवार की दोपहर 2:57 मिनट पर मध्य प्रदेश के बुरहानपुर ने इतिहास रच दिया। 24 घंटे लगातार जनजातीय लोक नृत्य करने पर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में बुरहानपुर का नाम दर्ज हो गया। इस खुशी में प्रशासन के आला अफसरों के साथ साथ जनप्रतिनिधि तक झूम उठे। लंदन से आई टीम ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
दरअसल, निमाड़ का प्रसिद्ध फाग, भगोरिया और गणगौर नृत्य कर यह विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। बुरहानपुर के लोक कलाकारों के दल ने इस चुनौती को पूरा किया। शनिवार दोपहर 2.57 बजे से गोविंदजी वाला ऑडिटोरियम में नृत्य शुरू किया जो लगातार 24 घंटे जारी रहा। लंदन से आई टीम इस रिकॉर्ड को लाइव कैद किया। 11 कलाकार लगातार मंच पर प्रस्तुति दी जो दुनिया की बड़ी चुनौती वाला रिकॉर्ड रहा।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल एवं जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद जिला प्रशासन के तत्वावधान में यह आयोजन हुआ। दुनिया की नजर मध्य प्रदेश के जनजातीय एवं लोक नृत्यों पर पड़े इसलिए लोक कलाकार के प्रमुख मुकेश दरबार और उनकी टीम यह रिकॉर्ड बनाया। लोक कला के संवर्धन, प्रोत्साहन व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लांगेस्ट पर फॉर्मिंग फोक डांस ग्रुप श्रेणी में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड बनाया।
रिकॉर्ड बनाने की राह आसान नहीं रही। कलाकार नृत्य शुरू करने के बाद एक बार भी मंच नहीं छोड़ा। शरीर को एनर्जी देने के लिए नारियल पानी, ज्यूस, चॉकलेट की व्यवस्था रहेगी। मानव शरीर है इसलिए टॉयलेट के लिए मंच छोडने का मौका नृत्य के बीच कलाकर को मिला।
भगोरिया, फगवा और गणगोर हो तो साथ में ढोल, मांदल और बांसुरी की मधुर गूंज रही। मांदल, बांसुरी, टिमकी, थाली, ढोलक, झांझ पर गणगौर में 7 से 8 स्टेप किया । फगवा में 11 स्टेप, भगोरिया 15 स्टेप किया। आदिवासी नृत्य पर दरबार की टीम ने देशभर के कई शहरों में लोक नृत्य की प्रस्तुति दी है। कार्यक्रम में एडीएम वीर सिंह चौहान, एसडीएम पल्लवी पुराणिक ने भी नृत्य किया।