MP News: गणेश प्रतिमा गिरने से युवक की मौत के बाद प्रशासन और मूर्तिकार आमने-सामने हैं। आदेशों की अनदेखी, खराब सड़कों और लापरवाही पर अब टकराव तेज हो गया है।
Burhanpur Ganesh idol accident: बुरहानपुर के लालबाग रोड पर गणेश प्रतिमा गिरने से खंडवा के युवक की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिस कारखाने से मूर्ति निकली थी उसे रात डेढ़ बजे तहसीलदार ने सील कर दिया। रविवार को प्रशासनिक, पुलिस अफसरों की संयुक्त टीम ने मूर्तिकारों के कारखानों पर जांच की।
20 से 25 फीट ऊंची प्रतिमाएं देख अफसर दंग रह गए। मूर्तिकारों को चेतावनी दी गई कि अगर 10 फीट से ऊंची प्रतिमा कारखाने बाहर निकलेगी तो केस दर्ज किया जाएगा। शाम 5 बजे के बाद प्रतिमा ले जाने पर भी रोक लगाई गई है। जबकि बड़ी संख्या में मंडलों के लोग प्रतिमा लेने के लिए ही खड़े थे। (MP News)
अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन द्वारा श्रीगणेश प्रतिमा की ऊंचाई 10 फीट तय की गई थी। प्रशासन द्वार 4 माह पहले ही सभी मूर्तिकारों की बैठक लेकर आदेश दिए गए थे, लेकिन मूर्तिकारों ने इसका पालन न करते हुए 10 फीट से ऊंची प्रतिमाएं बनाई है।
कलेक्टर के निर्देश देने के बाद सम्राट मौर्य आर्ट का कारखाना सील कर दिया गया है साथ ही 12 से अधिक मूर्तिकारों के कारखानों पर जांच की गई, जिसमें बड़ी एवं छोटी सभी मूर्तियों की गिनती कर पंचनामा तैयार कर समझाइश दी गई कि अगर कोई 10 फीट से ऊंची प्रतिमा शहर या बाहर जिले के लिए भेजेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार रात श्रीगणेश प्रतिमा के नीचे दबने से खंडवा के हाटकेश्वर गणेश मंडल के शशांक जोशी की मौत के बाद हिंदू संगठनों ने सडक़ों के हालात को लेकर विरोध दर्ज कराया। देर रात तक शव को निजी अस्पताल में ही रखा गया। परिजनों के बुरहानपुर पहुंचने के बाद रात करीब एक बजे शव जिला अस्पताल पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात में ही शव का पीएम कर खंडवा रवाना कर दिया गया। लालबाग पुलिस ने जिस ट्रॉली पर प्रतिमा रखी थी उसे भी जब्त कर लिया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना पर सरकार को दोषी बताया। उन्होंने लिखा कि सडक़ों पर गड्ढो की वजह से प्रतिमा गिरी। यह सरकारी हत्या है, दोषी पूरी सरकार और भाजपा का बनाया सिस्टम है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा राशि दी जाए।
मूर्तिकार सरिता मौर्य ने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जो प्रतिमा गिरी उसकी हाइट 9 फीट थी, सडक़ खराब होन से प्रतिमा गिरी है, हमने पहले ही रोड सही करने का बोला था, तहसीलदार ने कारखाना सील किया, जबकि अन्य जगह पर सील नहीं हुआ।
यावल सहित अन्य गणेश मंडलों ने द्वारकापुरी में विधायक अर्चना चिटनीस के निवास पर पहुंच गए। परिसर में बैठने के बाद कारखाना खुलवाकर प्रतिमाएं देने की मांग करने लगे। विधायक निवास की सूचना मिलते ही डीएसपी प्रीतमसिंह, लालबाग टीआइ अमित सिंह दलबल के साथ पहुंचे। सभी को बाहर कर मंडल के प्रतिनिधियों को ही विधायक से मिलाया गया। मंडलों को जल्द निर्णय लेकर प्रतिमाएं देने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। (MP News)
एएसपी अंतरसिंह कनेश ने कहा कि जिन मूर्तिकारों ने प्रशासन के आदेश के बाद भी गाइडलइन का पालन नहीं कर 10 फीट से ऊंची प्रतिमाएं बनाई गई उन सभी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। पीओपी की प्रतिमाएं निर्माण करने पर एनजीटी के नियम भी देखेंगे अगर नियमों का उल्लंघन मिलेगा तो धाराएं शामिल की जाएगी। जिन कारखानों पर जांच की गई अधिकांश जगहों पर गाइडलाइन का उल्लंघन कर प्रतिमाएं बनाई गई है।
शहर की खराब सडक़ों के कारण दो दिन में दो प्रतिमाएं गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने शाम 5 बजे के बाद प्रतिमा निकालने पर प्रतिबंधी लगा दिया। एडीएम ने कहा कि शहर में किसी भी कारखाने से शाम को प्रतिमा नहीं देने के निर्देश दिए गए है, कई बार रात के समय अंधेरा होने से हादसे का खतरा भी रहता है। जबकि शासन द्वारा सडक़ों की स्थिति को न सुधारते हुए मंडलो को दिन के समय प्रतिमा पंडालों तक ले जाने की सलाह दे रहा है। (MP News)