New Rail Line: सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई।
MP news: मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे।
डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी।
अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। (MP news)