
mp rajya sabha election maths if 4th seat get vacant (फोटो- Patrika.com)
MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में 11 राज्यसभा सीट हैं। इनमें से 3 सीटों पर मई-जून के बीच चुनाव होने वाले हैं।राज्यसभा चुनाव को लेकर 2-3 महीनों से प्रदेश की राजनीति में हलचल देखी जा रही है। भाजपा और कांग्रेस में इस चुनाव को लेकर सभी संभावित समीकरणों को पर रणनीति तैयार की जा रही है। हालांकि, तमिलनाडु में हो रहे विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections 2026) इन समीकरणों को 4 मई के बाद बदल सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि एमपी में राज्यसभा की एक और सीट खाली हो जाएं जिस पर मई या जून में चुनाव देखने को मिले। अगर ऐसा होता है तो राज्यसभा चुनाव का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections 2026) में भाजपा ने केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन को तिरुप्पुर जिले की अविनाशी सीट से मैदान में उतारा है। एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद है। भाजपा तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन में है। अविनाशी विधानसभा सीट अन्नाद्रमुक का गढ़ माना जाता है जहां वह पिछले पांच चुनावों में जीत हासिल कर चुकी है। ऐसे में अगर मुरुगन और अन्नाद्रमुक-भाजपा का गठबंधन चुनाव जीत जाते हैं तो एमपी में राज्यसभा की एक सीट और खाली हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नियमों के अनुसार यदि कोई सांसद विधानसभा चुनाव जीतता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर किसी एक सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। ऐसे में 6 महीने के भीतर चुनाव होना तय हो जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि, मुरुगन अगर चुनाव जीत जाते हैं तो वे राज्यसभा सीट छोड़ सकते हैं और तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं।
दरअसल, भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी के साथ कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में जून तक 3 सीटें खाली होंगी जिन पर मई-जून के बीच चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर मुरुगन जीत के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं तो पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा।
भाजपा के पास 163 विधायक है और कांग्रेस के पास 66 विधायक है। इसका मतलब ये है कि भाजपा के पास 163 वोट है और कांग्रेस के पास 66 वोट। हालांकि, कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा का सुप्रीम कोर्ट ने मतदान का अधिकार छीन लिया है और दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी कोर्ट ने खत्म कर दिया है। वहीं, विधायक निर्मला सप्रे ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया जिसके कारण अब कांग्रेस के पास सिर्फ 63 विधायक या वोट बचे है। राज्यसभा चुनाव के फॉर्मूला लागू किया जाए तो सदस्य बनाने के लिए 58 वोट यानी विधायकों की जरूरत है। ये समीकरण तमिलनाडु में मुरुगन जीत के बाद बदल जाएगा। अगर वह राज्यसभा से इस्तीफा देते है तो एक सदस्य बनाने के लिए जहां 58 वोटों की जरुरत थी वही वो करीब 47 वोट हो जाएगी। यानी अगर 4 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए करीब 47 वोट पर एक सांसद चुना जाएगा।
163 विधायकों के साथ भाजपा 2 सीटों को आराम से अपने नाम कर सकती है। दूसरी तरफ 63 वोटों वाली कांग्रेस तीसरी सीट को टारगेट कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के लिए तीसरी सीट को अपने नाम करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस पर क्रॉस वोटिंग का भी खतरा कांग्रेस पर मंडरा रहा है। (MP Rajya Sabha Election)
Published on:
23 Apr 2026 05:51 pm
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