Fitment Factor: आयोग ने जुलाई में कोलकाता और भुवनेश्वर में कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने का फैसला लिया है। वहीं, कर्मचारी यूनियनों ने न्यूनतम वेतन को फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़ाने की मांग की है।
8th Pay Commission New Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही कोलकाता और भुवनेश्वर में नई परामर्श बैठकों का कार्यक्रम भी जारी किया गया है। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और भत्तों को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगों पर चर्चा जारी है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने कोई अंतिम सिफारिश नहीं दी है। आयोग देशभर में कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव जुटा रहा है।
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। इससे न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.68 तक रखा जाए। यानी कि अगर फिटमेंट फैक्टर को 2.86 रखा जाता है तो वेतन 18,000 से बढ़कर 51,480 हो जाता है। यदि 3.68 रखा जाता है तो 66,240 हो जाता है।
वहीं, भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ (IRTSA) ने सभी के लिए एक ही गुणक के बजाय कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। कुछ उच्च वेतन स्तरों के लिए IRTSA ने फिटमेंट फैक्टर 4.38 करने की मांग की है।
नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे अपने मेमोरेंडम में मांग की है कि कैलोरी फॉर्मूला के आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया जाए। इसके तहत इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के नए मानक के हिसाब से 3490 कैलोरी वाले पोषण मानक अपनाना चाहिए। इसके साथ ही कई संगठनों का कहना है कि वेतन निर्धारण के पुराने फार्मूले अब मौजूदा महंगाई और जीवन-यापन की लागत के हिसाब से नहीं हैं। इसलिए न्यूनतम वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव किया जाना चाहिए।