अजित पवार की मौत वाली प्लेन क्रैश में वीएसआर वेंचर्स कंपनी शामिल है। यह दिल्ली आधारित चार्टर ऑपरेटर है, जिसका फोकस प्राइवेट जेट और एयर एम्बुलेंस पर है।
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के प्रमुख नेता अजित पवार की मौत की खबरों से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना एक प्राइवेट जेट के क्रैश होने से हुई, जो दिल्ली से मुंबई की उड़ान पर था। जिस विमान का जिक्र है, वह वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक चार्टर कंपनी का बताया जा रहा है। कंपनी दिल्ली स्थित है और नॉन-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज प्रदान करती है। यह दुर्घटना कंपनी की दूसरी बड़ी घटना है, जिससे उसके सेफ्टी रिकॉर्ड पर सवाल उठ रहे हैं। घटना में बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 मॉडल का विमान शामिल था। यह जेट मिड-साइज बिजनेस क्लास का था और कंपनी के फ्लीट का हिस्सा था।
लिंक्ड इन पर कंपनी की प्रोफाइल के अनुसार वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड 2009 में फाउंड हुई थी। वहीं, एमसीए (MCA) की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी 2011 में स्थापित हुई थी। कंपनी के डायरेक्टर्स विजय कुमार सिंह और उनके बेटे रोहित सिंह हैं, दोनों ट्रेंड पायलट हैं। कंपनी का मुख्यालय दिल्ली के महिपालपुर में है। कंपनी की सेवाएं दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और भोपाल जैसे शहरों में मानी जा रही हैं।
वीएसआर वेंचर्स का बिजनेस मॉडल प्राइवेट जेट चार्टर, एयर एम्बुलेंस, एम्प्टी लेग फ्लाइट्स और एयरक्राफ्ट लीजिंग पर आधारित है। फ्लीट में मिड साइज बिजनेस जेट्स शामिल हैं, जिनमें Learjet 45 जैसे विमान प्रमुख बताए जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार फ्लीट की औसत उम्र करीब 19 वर्ष है और कुल कर्मचारियों की संख्या 100 से अधिक है। कंपनी पहले भी एक क्रैश लैंडिंग जैसी घटना के कारण जांच के दायरे में आ चुकी है, जिससे सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर सवाल उठे थे। मौजूदा कथित हादसे की खबरों के बाद एक बार फिर कंपनी का रिकॉर्ड चर्चा में है।
वीएसआर वेंचर्स की पिछली दुर्घटना सितंबर 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर हुई थी, जब एक लियरजेट 45 ने भारी बारिश में क्रैश लैंडिंग की। विमान रनवे से फिसल गया, जिससे वह दो टुकड़ों में बंट गया और आग लग गई। सभी यात्री और क्रू बच गए, लेकिन को-पायलट को गंभीर चोटें आईं। इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने की, लेकिन कोई सस्पेंशन नहीं हुआ। वर्तमान क्रैश के बाद कंपनी पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे एसेट लॉस और इंश्योरेंस क्लेम्स। कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अब सवालों के घेरे में है।