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Annapurna Bhandar Yojana: महिलाओं को कब मिलेगी 3000 रुपये की अन्नपूर्णा योजना की किस्त, पैसा पाना है तो सुधार लें ये गलतियां

Annapurna Bhandar Scheme: पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी योजना की जगह चलाई अन्नपूर्णा भंडार योजना की तीसरी किस्त का महिलाएं इंतजार कर रही हैं। ऐसे मेें इसके अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है। लेकिन यदि आपके खाते और आधार से डिटेल मेच नहीं होती है तो आपको पैसा अटक सकता है।
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Aug 01, 2026
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Annapurna Bhandar योजना कि किस्त अगस्त के पहले सप्ताह में आ सकती है। (फोटो: AI)

Annapurna Scheme August Instalment: पश्चिम बंगाल की बहुचर्चित योजना लक्ष्मी भंडार योजना को BJP ने अन्नपूर्णा भंडार योजना में बदल दिया था। इस योजना के शुरु होने के बाद से अब तक दो किस्त जून और जुलाई महीने के शुरु होते ही लाभार्थियों के खाते में आ गई थी। ऐसे में अब लाभार्थी अगस्त की किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पहली किस्त अगस्त के पहले सप्ताह में खातों में आने की उम्मीद है। इस योजना के तहत लाभार्थी महिला को हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे। यदि किसी महिला के खाते में पैसा नहींं आता है तो उसके पीछे कई तकनीकी और पात्रता संबंधी कारण हो सकते हैं, जिन्हें समय रहते ठीक कराया जा सकता है।

घर बैठे स्टेटस कैसे चेक करें?

अन्नपूर्णा भंडार (पहले लक्ष्मी भंडार) का क्रेडिट स्टेटस चेक करने के दो तरीके हैं। पहला यह है कि राज्य के सोशल सिक्योरिटी पोर्टल पर लॉगिन करें और एप्लिकेशन आईडी, आधार नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से 'ट्रैक एप्लिकेंट स्टेटस' चुनें। इसके अलावा आधार से लिंक बैंक खाते में भी सीधे क्रेडिट की जांच की जा सकती है।

लक्ष्मी भंडार से अन्नपूर्णा भंडार में क्या बदलाव हुआ?

अन्नपूर्णा योजना, इस साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी। इसने पुरानी टीएमसी सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना की जगह ली है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिलाओं को 1,200 रुपये प्रति महीना और बाकी कैटेगरीज की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति महीना मिलते थे। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद से ही पात्र महिलाओं को हर माह 3,000 रुपये मिलते हैं।

पैसा नहीं आया तो सबसे पहले क्या करें?

अगर किस्त खाते में नहीं आई है, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सबसे पहले यह जांचें कि बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) एक्टिव है या नहीं। आवेदन फॉर्म में नाम आधार कार्ड और बैंक पासबुक के अनुसार ही होना चाहिए। एक ही मोबाइल नंबर से परिवार के कई सदस्यों का आवेदन करने पर भी भुगतान में देरी हो सकती है, इसलिए हर आवेदक का बैंक खाता और मोबाइल नंबर अलग-अलग होना जरूरी है। अगर आवेदक के पास एक से ज्यादा बैंक खाते हैं, तो यह पक्का करें कि आवेदन फॉर्म में दिया गया खाता ही सक्रिय है और उसमें DBT चालू है। साथ ही महिला आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य स्थायी सरकारी कर्मचारी या सरकारी पेंशनभोगी नहीं होना चाहिए। आवेदक या परिवार का कोई सदस्य टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए, वरना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

Updated on:
01 Aug 2026 05:12 pm
Published on:
01 Aug 2026 05:12 pm