
Layoff Alert: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) अपने 89 साल के इतिहास में सबसे बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मैनेजर मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम करीब 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी करने और जर्मनी की चार फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन बंद करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में निवेश में भी करीब 15 फीसदी की कटौती की जा सकती है।
फॉक्सवैगन करीब 1 लाख नौकरियां खत्म करने की तैयारी कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में फॉक्सवैगन समूह में दुनिया भर में 6,67,164 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से करीब 43 फीसदी कर्मचारी जर्मनी में हैं। यदि 1 लाख नौकरियां खत्म होती हैं, तो यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 15 फीसदी होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन की योजना है कि मौजूदा वाहन मॉडल के बंद होने के बाद कंपनी जर्मनी के हनोवर, ज्विकाउ, एमडेन और Audi के नेकार्सुल्म प्लांट में प्रोडक्शन पूरी तरह बंद कर देगी। इसके अलावा फॉक्सवैगन के मुख्य ब्रांड और उसके पार्ट्स कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में बदलने पर भी विचार किया जा रहा है।
CEO ओलिवर ब्लूम पर कंपनी के कारोबार को फिर से मजबूत बनाने का दबाव है। फॉक्सवैगन को अमेरिकी टैरिफ, चीन की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ते बाजार के कारण मुनाफे पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ब्लूम पहले भी कह चुके हैं कि कंपनी अब अपने मुख्य ऑटोमोबाइल कारोबार पर ज्यादा ध्यान देगी।
फॉक्सवैगन के प्रवक्ता ने इस मामले पर जानकारी देने से मना किया, लेकिन कहा कि पूरे समूह में बड़े बदलाव की जरूरत है और सभी फैसले कंपनी के संबंधित बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिए जाएंगे। वहीं, कंपनी की वर्क्स काउंसिल और जर्मनी की यूनियन IG Metall ने इन प्रस्तावों का कड़ा विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि यदि ऐसी योजना आगे बढ़ाई गई तो उसे हर संभव तरीके से रोकने की कोशिश की जाएगी।