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Unicorns in India: सिर्फ 3 साल में ही देश के 2 नए AI स्टार्टअप बन गए यूनिकॉर्न, 5 करोड़ डॉलर तक की जुटाई फंडिंग

5 New Indian Unicorn 2026: भारत को 2026 की पहली तिमाही में 5 नए यूनिकॉर्न मिले हैं। इसमें से 2 कंपनियां AI से जुड़ी हैं। यानी भारत अब सिर्फ ईकॉमर्स सेक्टर ही नहीं बल्कि AI में भी आगे बढ़ रहा है।
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Indian startups 2026

भारत को 5 नए Unicorn मिले हैं। (PC: AI)

AI Startups In India: भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए 2026 की पहली छमाही अच्छी रही है। जनवरी से जून के बीच देश को पांच नए यूनिकॉर्न मिले हैं। इनमें सबसे खास बात यह रही कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी दो कंपनियां नेयसा और सर्वम ने तीन साल से भी कम समय में यह मुकाम हासिल कर लिया। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों का सबसे ज्यादा भरोसा अब AI आधारित कंपनियों पर बढ़ रहा है।

दो AI कंपनियां सबसे तेज बनीं यूनिकॉर्न

मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैकसन (Tracxn) की रिपोर्ट के मुताबिक, नेयसा ने यूनिकॉर्न बनने से पहले 5 करोड़ डॉलर और सर्वम ने 4.1 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। वहीं, क्रेडिटबी , स्काईरूट और स्क्वायर यार्ड्स को यूनिकॉर्न बनने में 8 से 12 साल का समय लगा। इन कंपनियों ने पहले 6.5 करोड़ डॉलर से 20.5 करोड़ डॉलर तक की फंडिंग जुटाई थी।

स्टार्टअप सेक्टर यूनिकॉर्न बनने में लगा समय
नेयसा (Neysa)एआई क्लाउड (AI Cloud)3 साल से कम
सर्वम (Sarvam)जेनरेटिव एआई (Generative AI)3 साल से कम
क्रेडिटबी (KreditBee)फिनटेक (FinTech)8 से 12 साल
स्काईरूट (Skyroot)स्पेसटेक (SpaceTech)8 से 12 साल
स्क्वायर यार्ड्स (Square Yards)प्रॉपटेक (PropTech)8 से 12 साल

फंडिंग बढ़ी, लेकिन सौदे कम हुए

रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के दौरान भारतीय स्टार्टअप्स ने करीब 7.2 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई। यह पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, इस दौरान फंडिंग के कुल सौदे घटकर 652 रह गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,149 डील हुई थीं। Tracxn का कहना है कि अब निवेशक कम कंपनियों में, लेकिन बड़ी रकम निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

यूनिकॉर्न की संख्या में भारत चौथे स्थान पर

हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स (Hurun Global Unicorn Index) 2026 के मुताबिक, भारत में इस समय 61 यूनिकॉर्न हैं। पिछले साल की तुलना में भारत तीन यूनिकॉर्न कम होने के कारण चौथे स्थान पर पहुंच गया है। 70 यूनिकॉर्न के साथ ब्रिटेन तीसरे स्थान पर पहुंच गया, जबकि अमेरिका 806 और चीन 381 यूनिकॉर्न के साथ पहले और दूसरे स्थान पर हैं। भारत में सबसे ज्यादा 25 यूनिकॉर्न बेंगलुरु में हैं, जबकि मुंबई दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 1,603 हो गई है, जिनकी कुल वैल्यू 8 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है।