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Meta ने भारत में पहला AI-Enabled डेटा सेंटर लॉन्च करने के लिए Reliance से मिलाया हाथ, जानिए कैसे करेगा यह काम

AI-Enabled Data Centre: मेटा ने भारत में एआई सक्षम डेटा सेंटर के लिए रिलायंस से पार्टनरशिप की है। रिलायंस जामनगर में यह डेटा सेंटर बना रही है।

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Meta ने भारत में डेटा सेंटर के लिए रिलायंस के साथ पार्टनरशिप की है। (PC: ANI)

Meta ने भारत में पहला एआई-सक्षम डेटा सेंटर लॉन्च करने के लिए रिलायंस के साथ पार्टनरशिप की है। बता दें कि रिलायंस गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट कैपेसिटी का एक डेटा सेंटर बना रही। यह डेटा सेंटर बनने के बाद मेटा उसे अपने एआई और अन्य डिजिटल सेवाओं और उत्पादों को चलाने के लिए लीज पर लेगी। इसके लिए रिलायंस और मेटा में डील हुई है।

क्या होता है AI-Enabled डेटा सेंटर

पहले यह समझना होगा कि AI डेटा सेंटर और AI-Enabled डेटा सेंटर अलग-अलग होते हैं। सामान्यत लोग इसे एक ही समझ लेते है, लेकिन ऐसा नहीं है। AI डेटा सेंटर वे स्पेशल डेटा सेंटर होते हैं जो खास तौर पर सिर्फ AI के लिए काम करते है। यानी की AI की ट्रेनिंग के लिए और मशीन लर्निंग के लिए बनाए जाते हैं। वहीं बात करें AI Enabled डेटा सेंटर की तो इसमें AI का इस्तेमाल करके डेटा सेंटर को स्मार्ट बनाया जाता है। इसमें AI से कूलिंग ऑप्टिमाइजेशन, पावर मैनेजमेंट, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और ऑटोमेशन आदि होता है। यह डेटा सेंटर एआई वर्कलोड चलाने में सक्षम होता है।

कैसे काम करता है यह?

सामान्य डेटा सेंटर मुख्य रूप से सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) पर आधारित होते है। जबकि AI-Enabled डेटा सेंटर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) पर आधारित होते हैं। सामान्य डेटा सेंटर के मुकाबले इनको ज्यादा स्टोरेज, कुलिंग और नेटवर्किंग की जरूरत होती है। अधिक विकसित उपकरणों के उपयोग के कारण AI-Enabled तेज गति से काम करते हैं।

समुद्र के पानी से रखा जाएगा ठंंडा

डेटा सेंटर्स को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया जाता है। मेटा के मुताबिक, डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए समुद्र के पानी को मीठा (डिसैलिनेटेड सीवॉटर) किया जाएगा। साथ ही ऊर्जा का उपयोग भी पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी से किया जाएगा। इन सबके संचालन के लिए लागत का वहन भी मेटा ही करेगा। मेटा ने लगभग 1 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी विकसित करने का वादा भी किया है। इसके लिए मेटा ने क्लीनमैक्स और फोर्थ पार्टनर एनर्जी के साथ समझौता किया है, जिससे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा विकसित की जाएगी।

बढ़ रही मेटा-रिलायंस की पार्टनशिप

मेटा और रिलायंस ने मिलकर पिछले साल रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड (REIL) की स्थापना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय डेवलपर्स और कंपनियों तक मेटा के Llama AI की पहुंच को आसान बनाना है। इस साझेदारी में दोनों कंपनियों ने मिलकर 855 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसमें 70 फीसदी हिस्सा रिलायंस का और 30 फीसदी हिस्सा मेटा का है। इसके अलावा मेटा ने साल 2020 में जियो प्लेटफॉर्म में 5.7 बिलियन डॉलर का निवेश किया था।