इकनॉमिक सर्वे के अनुसार, चालू वर्ष में 9.2% की ग्रोथ के बाद अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वर्ष में जीडीपी में 8% -8.5% की वृद्धि होने का अनुमान है। कल एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। ऐसे इस बजट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए।
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को 11 बजे केन्द्रीय बजट पेश करेंगी। ये चौथी बार होगा जब वो बजट पेश करेंगी। सभी की नजर इस बात पर होगी कि सरकार कैसे राजकोषीय घाटे और खर्च के बीच संतुलन को बनाती है। सोमवार को बजट की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हो गई। इसके बाद वित्त मंत्री ने अर्थिव सर्वे पेश किया। इकनॉमिक सर्वे के अनुसार, चालू वर्ष में 9.2% की ग्रोथ के बाद अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वर्ष में जीडीपी में 8% -8.5% की वृद्धि होने का अनुमान है। आज एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। ऐसे इस बजट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए-
-आम बजट एक वर्ष के इंतजार के बाद पेश किया जाता है । आम बजट का आधार एक वर्ष में सरकार के आय तथा व्यय के अनुमानों का विवरण होता है।
- इस बार करदाताओं को बड़ी राहत में मूल आयकर छूट सीमा को ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का ऐलान किया जा सकता है। वहीं, इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹3.5 लाख करने की संभावना है। शीर्ष आय स्लैब को भी मौजूदा ₹15 लाख से ऊपर संशोधित किए जाने की संभावना है।
- फिनटेक उद्योग आगामी बजट में कर में कटौती की मांग की है। इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए और कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों की आवश्यकता है।
-फिनटेक उद्योग और विशेषज्ञों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से टीडीएस दरों कम करने की मांग की है जिससे अत्यावश्यक कार्यशील पूंजी उपलब्ध होगी। इससे घाटे में चल रही कंपनी को TDS रिफन्ड कर दिया जाता है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी बजट में पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) के मुद्दों केंद्रित किया जाना चाहिए जो हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कर और गैर-कर प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
- उद्योग निकाय CII ने सृजित नौकरियों की संख्या के आधार पर उत्पादन से जुड़ी इंसेन्टीव स्कीम के जरिए अतिरिक्त इंसेन्टीव रेट्स को शामिल करने की वकालत की है।
- जहां भारतीय कॉरपोरेट कुछ प्रमुख घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं जो उन्हें अपने विकास के एजेंडे को रीसेट करने में सक्षम बनाएगी, व्यक्तिगत करदाता अपने हाथों में कुछ और डिस्पोजेबल आय की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे निवेश कर सकें और अधिक उपभोग कर सकें।
- सरकार को आगामी केंद्रीय बजट में इस क्षेत्र पर सार्वजनिक व्यय को सकल घरेलू उत्पाद के कम से कम 3 प्रतिशत तक बढ़ाते हुए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए।
-महामारी के बीच पर्यटन क्षेत्र भी आगामी केंद्रीय बजट 2022-23 में करों में छूट की उम्मीद कर रहा है।
बजट के लिए कैबिनेट की बैठक कल
-केंद्रीय बजट 2022-23 को मंजूरी देने के लिए मंगलवार को सुबह 10:10 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी।
-कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को दूसरी बार केंद्रीय बजट 2022-23 को पेपरलेस रूप में पेश करेंगी। इससे पहले, 2021-22 का केंद्रीय बजट पिछले साल पेपरलेस फॉर्म में पेश किया गया था।
इकनॉमिक सर्वे 2021-22 31 जनवरी को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया। उनके द्वारा ही 1 फरवरी को सुबह 11 बजे बजट पेश किया जाएगा।
-2 फरवरी से 11 फरवरी तक सदन की बैठक शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक होगी। इस प्रकार, बजट सत्र के पहले भाग के दौरान प्रति बैठक पांच घंटे निर्धारित किए गए हैं।
बजट 2022: कहां देखें
संसद टीवी पर बजट प्रस्तुति का सीधा प्रसारण किया जाएगा। लोग इस कार्यक्रम को विभिन्न अन्य समाचार आउटलेट और यूट्यूब, ट्विटर और फेसबुक जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी देख सकते हैं।
बजट 2022 से शेयरों को फायदा होने की संभावना
इन्फ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य देखभाल स्टॉक विश्लेषकों के पसंदीदा टोपिक्स हैं, क्योंकि भारत सरकार विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेश को किकस्टार्ट करने के उद्देश्य से बजट में खर्च बढ़ाने के लिए तैयार है। बजट के ऐलान से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी और बढ़ने की संभावाना है।
-ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बजट 2022 में MSME सेक्टर के लिए बेहतर योजनाएं इकोनॉमी को बूस्ट दे सकती हैं
-ब्रोकरेज का ये भी अनुमान है कि बजट ओपनिंग अप इकोनॉमी और पब्लिक व प्राइवेट कैपेक्स के लिए की ट्रिगर साबित हो सकते हैं।