बजट 2026 में रेलवे के लिए नई ट्रेनों के साथ किराये में राहत पर बड़े ऐलान की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा आम यात्रियों और मध्यम वर्ग को मिल सकता है।
Budget 2026 Railway Expectations: केंद्र सरकार 1 फरवरी को बजट 2026 पेश करने जा रही है और इस बार भी रेलवे को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। पिछले कुछ सालों में रेलवे पर भारी निवेश किया गया है, जिससे नई लाइनें, आधुनिक ट्रेनें और स्टेशन रिडेवलपमेंट को गति मिली है। बजट 2026 में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नई ट्रेनों की शुरुआत और किराये की संरचना में राहत से जुड़े बड़े ऐलान संभव माने जा रहे हैं।
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बजट 2026 में रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में नई ट्रेनों के संचालन की घोषणा हो सकती है। खासतौर पर अमृत भारत और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के नए रूट्स पर विस्तार की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा लंबी दूरी और भीड़भाड़ वाले रूट्स पर जनरल और स्लीपर कोच वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर भी फोकस रह सकता है। सरकार का लक्ष्य वेटिंग लिस्ट कम करना और यात्रियों को ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना है, जिससे दैनिक यात्रियों और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिले।
रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ता किराया रहा है। बजट 2026 में सरकार इस दिशा में कुछ राहत देने पर विचार कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीक सीजन में किराया बढ़ोतरी को नियंत्रित करने और जनरल क्लास यात्रियों के लिए किफायती सफर सुनिश्चित करने के उपाय किए जा सकते हैं। इसके साथ ही अनारक्षित और सामान्य श्रेणी के कोच बढ़ाने से ज्यादा संख्या में टिकट उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम होने की संभावना है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर बजट 2026 का प्रमुख स्तंभ बना रह सकता है। ट्रैक डबलिंग, नई रेल लाइनों का निर्माण, सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण और स्टेशन रिडेवलपमेंट पर बड़े निवेश की संभावना है। इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स जैसे ट्रैक रिन्यूअल, ऑटोमैटिक सिग्नल और आधुनिक कोच तकनीक पर भी फंड बढ़ाया जा सकता है। सरकार का जोर भीड़ कम करने, समयपालन सुधारने और रेल यात्रा को सुरक्षित व भरोसेमंद बनाने पर रहेगा।
पिछले वर्ष के बजट 2025-26 में भारतीय रेलवे (Indian Railways) के लिए कुल लगभग 2.65 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसमें कैपिटल व्यय (Capital Expenditure) के लिए करीब 2.52 लाख करोड़ रुपये का हिस्सा निर्धारित किया गया था। इस आवंटन का उद्देश्य ट्रैक विस्तार, नई लाइनों का निर्माण, सिग्नलिंग और सुरक्षा मॉडर्नाइजेशन, वंदे भारत व अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के निर्माण समेत यात्री तथा माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत करना था।