कारोबार

Income Tax Rules: दोस्त या रिश्तेदार से कैश में उधार लेना पड़ सकता है भारी, जान लें टैक्स के नियम

Cash Transaction Limit: दोस्तों या रिश्तेदारों से कैश में पैसा उधार लेना आसान लगता है लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस तरह के लेन-देन पर भी कानून बना रखे हैं। इनमें कैश लेन-देन की सीमा तय की गई है।
2 min read
• •
Updated: 10 Jun 2026, 3:32 PM IST
Income Tax Rules
किसी से बड़ा कैश उधार लेना आपको भारी पड़ सकता है। (PC: File Photo)

Income Tax Cash Rules: दोस्तों या रिश्तेदारों से कैश में पैसा उधार लेना या किसी समारोह के अवसर पर कैश को उपहार के रूप में लेना आसान लगता है। लेकिन इनकम टैक्स के सेक्शन 269SS और 269ST के तहत कैश लेन-देन की सीमा के प्रावधान तय किये गए है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर उधार या उपहार में प्राप्त राशि के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 3 लाख का नकद लेन-देन करता है तो उस पर 3 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि नियम क्या कहते हैं।

दोस्त या रिश्तेदार से उधार की सीमा

इनकम टैक्स के सेक्शन 269SS के तहत परिवार, दोस्त या रिश्तेदार से 20,000 रुपये से अधिक के कैश लेन-देन पर पाबंदी है। टैक्स एक्सपर्ट सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार, ऐसी जांच और पेनल्टी से बचने के लिए 20,000 रुपये से अधिक की राशि का लेनदेन बैंकिंग माध्यमों जैसे बैंक ट्रांसफर, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या अन्य मान्य डिजिटल तरीकों से ही करना चाहिए।

गिफ्ट के रूप में कितना कैश ले सकते हैं?

शादी, मुंडन, सगाई, जन्मदिन, त्योहार या कोई भी पारिवारिक आयोजन पर कैश लेन-देन की सीमा भी तय की गई है। इनकम टैक्स सेक्शन 269ST के तहत ऐसे अवसरों पर 2 लाख रुपए या उससे ज्यादा नकद लेने पर उतनी ही रकम का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर एक ही दिन में एक ही व्यक्ति से 2 लाख रुपए या उससे ज्यादा कैश मिले तो यह नियम तुरंत लागू हो जाता है। चाहे वह एक बार में मिला हो या उसी मौके से जुड़े कई अलग-अलग लेन-देन में।

जुर्माना कितना लगेगा

इनकम टैक्स सेक्शन 271DA के तहत यह जुर्माना उस व्यक्ति पर लगता है, जिसने कैश लिया है यानी गिफ्ट पाने वाले पर। जुर्माने की रकम उतनी ही होती है जितना कैश लिया गया। मतलब 3 लाख कैश लिया तो 3 लाख का जुर्माना तय है।

विभाग नकद लेनदेन का पता कैसे लगाता है?

विभाग कई तरीकों से नकद लेनदेन की जानकारी प्राप्त कर सकता है, जैसे कि आयकर छापे और सर्वे के दौरान पूछताछ, बैंक खातों में जमा राशि का विश्लेषण करके आदि। सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार एनुअल इंफोर्मेशन स्टेटमेंट यानी AIS के जरिए विभाग बैंक ट्रांजेक्शन, प्रॉपर्टी डील और बड़े कैश मूवमेंट पर नजर रखता है। अगर एक पक्ष ने लेन-देन रिकॉर्ड किया और दूसरे पक्ष ने उस लेन-देन का रिकॉर्ड नहीं रखा तो, विभाग जांच शुरू कर सकता है।

Also Read
View All
IOC Q2 Results: दूसरी तिमाही में 184% उछलकर 21,630 करोड़ रुपये रहा इंडियन ऑयल का मुनाफा, रेवेन्यू 29.5% बढ़ा

IT और फार्मा शेयरों में तेजी से उछला मार्केट, सेंसेक्स 300 अंक बढ़कर हुआ बंद, उधर इन स्टॉक्स में आई बिकवाली

Silver Price Outlook: सिर्फ 1 महीने में ही 40,000 रुपये टूट गई चांदी, क्या और गिरेंगे भाव या अब आएगी तेज रिकवरी? एक्सपर्ट से जानिए टार्गेट प्राइस

Bank Holidays List: नवंबर में आ रहे हैं 2 लॉन्ग वीकेंड, कब-कब बंद रहेंगे बैंक, देखिए छुट्टियों की लिस्ट

PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के खातों में ट्रांसफर किये 18,690 करोड़ रुपये, 9.34 करोड़ किसानों को होगा फायदा, इस तरह देखें अपना स्टेटस