
CKYC Benefits: किसी भी नए बैंक, बीमा कंपनी, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय संस्थान में खाता खोलने पर हर बार KYC दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। साथ ही पता, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी बदलने पर हर संस्थान में अलग से जानकारी अपडेट करनी होती है। ऐसे में इस झंझट को खत्म करने के लिए देश में सेंट्रल KYC (CKYC) रजिस्ट्री की शुरुआत की गई थी। CKYC से ग्राहक को केवल एक बार KYC करानी होती है। सीकेवाईसी की मदद से आप हर जगह अलग अलग केवाईसी करने से बच सकते हैं।
CKYC नंबर एक 14 अंकों का यूनिक पहचान नंबर होता है। यह ग्राहक के KYC रिकॉर्ड के आधार पर जारी किया जाता है। यह नंबर पूरे देश में मान्य है और RBI, SEBI, IRDAI तथा PFRDA के दायरे में आने वाले वित्तीय संस्थानों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
ग्राहक को सिर्फ एक बार किसी भी वित्तीय संस्थान में जाना होता है। उसके बाद वहां CKYC के लिए रिक्वेस्ट करनी होती है। इसके बाद आधार कार्ड, पेन कार्ड जैसे दस्तावेजों के साथ संस्थान आपकी पहचान का सत्यापन करेगा। जरूरत पड़ने पर वीडियो KYC या बायोमेट्रिक सत्यापन भी हो सकता है। सत्यापन पूरा होने के बाद बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी KYC जानकारी Central KYC Records Registry (CKYCR) में अपलोड करता है। CKYC होने के बाद नया खाता खोलते समय सिर्फ अपना CKYC नंबर देना होता है। इससे देशभर के सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों में आपका काम आसान हो जाएगा।
अप्रैल 2026 तक इस रजिस्ट्री से 8,700 से अधिक रेगुलेटेड वित्तीय संस्थान जुड़े हुए हैं और इसमें 1,125 मिलियन से ज्यादा KYC रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को एक ही KYC के आधार पर अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इसके लिए आप अपने बैंक जा सकते हैं। आप फोन नंबर 7799022129 पर मिस्ड कॉल करके भी सीकेवाईसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा, आप https://ckycindia.in वेबसाइट पर जाकर मदद ले सकते हैं।
CKYC व्यवस्था में यदि ग्राहक अपनी संपर्क जानकारी, पता या अन्य KYC विवरण बदलता है तो उसे केवल एक बार जानकारी अपडेट करनी होगी। इसके बाद CKYCR के माध्यम से यह अपडेट अन्य संबंधित वित्तीय संस्थानों तक अपने आप अपडेट हो जाएगी, जहां ग्राहक का खाता है।