17 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और दुकान चलाने वालों को भी मिल सकती है PF की सुविधा, EPFO कर रहा स्कीम पर काम

Retirement Saving: EPFO अब फ्रीलांसर, गिग वर्कर, दुकान मालिक या खुद का काम करने वाले व्यक्ति के लिए PF जैसी योजना लाने पर विचार कर रहा है। इससे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
2 min read
Google source verification
Provident Fund For Self-Employed

EPFO फ्रीलासंर के लिए PF जैसी सुविधा ला सकता है। (फोटो: AI)

PF For Gig Workers: ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट की चिंता नहीं होती, क्योंकि उनके लिए EPFO पीएफ और पेंशन के साथ लंबे समय की बचत तैयार करता है। लेकिन फ्रीलांसर, गिग वर्कर, दुकान मालिक या खुद का काम करने वाले व्यक्तियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, EPFO एक ऐसे फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है, जो इन लोगों को भी PF स्कीम में योगदान देने की अनुमति दे सकता है। अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो लाखों लोग जो अभी EPF नेटवर्क से बाहर हैं, उन्हें एक व्यवस्थित रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान के जरिए लाभ मिल सकता है।

योगदान में होगा लचीलापन

मौजूदा EPF सिस्टम में कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों ही हर महीने एक निश्चित राशि का योगदान करते हैं। लेकिन असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए इसमें लचीलापन हो सकता है। यानी वे अपनी फाइनेंशियल स्थिति और इनकम के हिसाब से रोजाना, हर महीने या साल में एक बार जैसे चाहें योगदान कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी कमाई अनियमित होती है। इसके साथ ही यह योजना पूरी तरह से सदस्य के योगदान पर आधारित होगी। यानी प्रस्तावित EPFO ​​योजना को सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलेगी।

टैक्स में क्या बेनिफिट मिलेगा?

प्रस्तावित स्कीम का एक्युमुलेशन फेज (जमा करने का चरण) मौजूदा EPF मॉडल की तरह ही काम करने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, सालाना 2.5 लाख रुपये तक के योगदान पर पूरी तरह टैक्स छूट मिल सकती है। मौजूदा EPF नियमों की तरह ही, इन योगदानों पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स नहीं लगने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि सब्सक्राइबर्स टैक्स बचत का लाभ उठाते हुए रिटायरमेंट के लिए फंड बना सकेंगे।

सरकार की मंजूरी बाकी

फिलहाल इस योजना को सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। लेकिन EPFO ने इस योजना के लिए जरूरी आईटी सिस्टम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है और इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए अंतिम ढांचा तैयार करने से पहले कई अंतरराष्ट्रीय मॉडलों की जांच की जा रही है। ताकि भारत के लिए सबसे अच्छा सिस्टम बनाया जा सके।