
PF KYC Update: आमतौर पर नौकरीपेशा लोग अपने पीएफ अकाउंट पर ध्यान नहीं देते या तभी ध्यान देते हैं जब उन्हें नौकरी बदलनी हो या पैसों की जरूरत हो। लेकिन इस लापरवाही की वजह से नौकरी के रिकॉर्ड, KYC या नॉमिनेशन में हुई गलतियां सालों तक छिपी रहती हैं। नतीजा यह होता है कि जब आप ऐन वक्त पर पैसे निकालने के लिए क्लेम करते है तो वह रिजेक्ट हो जाता है। यदि रिजेक्ट नहीं भी होता है तो प्रोसेस में लंबा समय लग जाता है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए EPFO पोर्टल के माध्यम से आपको इन चीजों की जांच जरूर करनी चाहिए।
अगर आपने कई नौकरियां बदली हैं, तो EPFO पोर्टल के सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में जाकर यह जरूर देख लें कि आपकी पुरानी सभी कंपनियों के नाम, जॉइनिंग और नौकरी छोड़ने की तारीख सही दर्ज है या नहीं। अगर ये जानकारियां गलत होंगी, तो फंड ट्रांसफर में दिक्कत आएगी। इसके साथ ही, सिर्फ कुल बैलेंस न देखें, बल्कि हर महीने अपनी पीएफ पासबुक चेक करें कि कंपनी आपकी सैलरी से काटा गया पैसा समय पर जमा कर रही है या नहीं।
अक्सर लोग पहली नौकरी के समय ही नॉमिनी का नाम दर्ज करते हैं और फिर उसे भूल जाते हैं। शादी होने या बच्चे होने के बाद EPFO के ई-नॉमिनेशन फीचर के जरिए नॉमिनी की जानकारी को तुरंत अपडेट करना चाहिए, ताकि भविष्य में परिवार को क्लेम लेने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा अपने नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और जेंडर को अपने सरकारी दस्तावेजों से मिला लें और कोई गड़बड़ी होने पर तुरंत सुधार की रिक्वेस्ट डालें।
पीएफ का पैसा अटकने का सबसे बड़ा कारण अधूरी या गलत KYC होती है। इसके लिए जांच लें कि PAN, आधार और बैंक अकाउंट डिटेल पूरी तरह अपडेटेड हो। अगर बैंक खाता बंद हो चुका है, तो उसे तुरंत बदलें। साथ ही, आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जिस मोबाइल नंबर से लिंक है, वह चालू होना चाहिए। एक्टिव मोबाइल नंबर होने से ही आप आसानी से पासबुक डाउनलोड करने, क्लेम ट्रैक करने और प्रोफाइल अपडेट करने जैसे काम घर बैठे कर सकते हैं।
नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी का PF का पैसा नई कंपनी में अपने आप ट्रांसफर नहीं होता। इसके लिए पोर्टल पर जाकर ट्रांसफर स्टेटस को ट्रैक करें। एक से ज्यादा अकाउंट होने पर आगे चलकर मैनेजमेंट मुश्किल हो जाता है। अगर पीएफ से जुड़ी कोई भी समस्या जैसे क्लेम में देरी या रिकॉर्ड में गलती ठीक नहीं हो रही है, तो आपको ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप EPFO के ऑनलाइन ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम पर अपनी शिकायत दर्ज कराकर उसका स्टेटस भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।