
Cryptocurrency Market में तबाही मची हुई है। निवेशक जमकर बिकवाली कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर अतिरिक्त 100 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद से क्रिप्टो मार्केट क्रैश कर गया है। करीब 16 लाख निवेशक अपने 19 अरब डॉलर से अधिक गंवा चुके हैं। कॉइनग्लास के 24 घंटे के आंकड़े बताते हैं कि क्रिप्टो इतिहास की सबसे बड़ी बिकवाली देखने को मिली है, जिसमें निवेशकों के 19 अरब डॉलर से अधिक डूब गए।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया कि इनमें से 7 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली 10 अक्टूबर को 1 घंटे से कम समय की ट्रेडिंग में हो गई। रिपोर्ट में मल्टीकॉइन कैपिटल के प्रमुख ट्रेडर Brian Strugats के हवाले से कहा गया है कि बाजार में 30 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली आने की आशंका है।
कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी का कुल मार्केट कैप 4.30 ट्रिलियन डॉल से घटकर 3.74 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। क्रिप्टोकरेंसीज में दुनिया का सबसे बड़े कॉइन बिटकॉइन 59.8 फीसदी हिस्सा रखता है। दूसरे नंबर पर इथेरियम है, जो 12.2 फीसदी हिस्सा रखता है। बचे हुए दूसरे टोकन्स 27.9 फीसदी हिस्से में आते हैं। शनिवार को दोपहर 1 बजे करीब बिटकॉइन 8.05 फीसदी की गिरावट के साथ 1,11,542.91 डॉलर पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसका मार्केट कैप 2.22 ट्रिलियन डॉलर था। इथेरियम 12.71 फीसदी गिरकर 3,778.31 डॉलर पर ट्रेड करता दिखा। इसका मार्केट कैप 456.05 अरब डॉलर था।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिटकॉइन में अगला मजबूत सपोर्ट 1 लाख डॉलर के स्तर पर है। अगर यह लेवल टूटता है, तो यह पिछले 3 साल से जारी बुल रन का अंत होगा। Tread.fi के सीईओ डेविड जियोंग ने कहा, ''ऐसा लगता है कि कई संस्थान इस स्तर की अस्थिरता की उम्मीद नहीं कर रहे थे। पर्पेचुअल फ्यूचर्स में लीवरेज के डिजाइन के कारण कई बड़े ट्रेडर्स और संस्थान भी लिक्विडेट हो गए होंगे।'' उन्होंने कहा कि मार्केट 'ब्लैक स्वान इवेंट' को महसूस कर रहा है। ब्लैक स्वान इवेंट का मतलब ऐसे बाजार संकट से है जो बहुत रेयर होते हैं।