
India-UK FTA। Photo ANI
India-UK FTA : नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) बुधवार से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस बीच ब्रिटिश एयरवेज ने भारतीय बाजार पर अपना भरोसा जताया है। ब्रिटिश एयरवेज के जनरल मैनेजर डेविड राइट ने बताया कि कंपनी आगामी सर्दियों के शेड्यूल से भारत के लिए अपनी साप्ताहिक उड़ानों की संख्या 63 से बढ़ाकर 70 करने जा रही है।
डेविड राइट ने इस मुक्त व्यापार समझौते को एक 'ऐतिहासिक मील का पत्थर' बताते हुए कहा कि भारत हमारे लिए वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। हम भारत के साथ अपने दशकों पुराने रिश्तों को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं। एक विमानन कंपनी के रूप में हम भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक समुदाय, ग्राहकों और आम लोगों को जोड़ने का काम जारी रखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस समझौते का असर सिर्फ आर्थिक स्तर पर ही नहीं दिखेगा, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी लोगों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भारत-यूके सीईटीए के लागू होने की पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कोट करते हुए लिखा, 'यह भारत-यूनाइटेड किंगडम साझेदारी में एक महत्वपूर्ण क्षण है। सीईटीए और 'सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट' के लागू होने से हमारे आर्थिक संबंध और भी गहरे होंगे। ये समझौते मिलकर हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं को हमारे लोगों के लिए ठोस अवसरों में बदलेंगे। सीईटीए से हमारे किसानों, उद्यमियों और एमएसएमई को नई गति मिलेगी। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को यूके के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे टेक्नोलॉजी, प्रोफेशनल सेवाओं और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग भी बढ़ेगा, साथ ही कुशल भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलेगा।
पीएम ने आगे कहा कि सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट से यूके में कुछ समय के लिए काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को बहुत मदद मिलेगी और भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। यह पल हमारे लोकतंत्रों के बीच भरोसे और व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश और इनोवेशन पर आधारित भविष्य केंद्रित साझेदारी बनाने के हमारे संकल्प को दिखाता है। भारत और यूके मिलकर साझा समृद्धि के लिए काम करते रहेंगे।
वहीं, गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ यह समझौता, दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है। इससे देश के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को यूके में जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलेगा, जो कि भारत की 100 प्रतिशत ट्रेड वैल्यू को कवर करता है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, इस व्यापार समझौते से कपड़ा, चमड़े, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग का सामान, समुद्री उत्पाद, केमिकल, प्रोसेस्ड फूड जैसे सेक्टर्स के साथ-साथ एमएसएमई, किसानों और मैन्युफैक्चरर्स को निर्यात के बड़े मौके मिलेंगे।
Updated on:
15 Jul 2026 03:31 pm
Published on:
15 Jul 2026 03:26 pm
