कारोबार

फ्लाइट में उड़ान के दौरान ‘पावर बैंक’ से चार्जिंग पर लगा बैन! DGCA ने जारी की गाइडलाइंस

DGCA की एडवायजरी दुनिया भर में लीथियम बैटरी के ओवरहीटिंग या आग पकड़ने की कई घटनाओं के बाद आई है
2 min read
Jan 04, 2026
Feature image
DGCA ने गैजेट चार्जिंग पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं (PC: AI)

फ्लाइट में उड़ान के दौरान अब आप फोन या दूसरे गैजेट्स चार्ज करने के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने उड़ान के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया है।

DGCA ने जारी की एडवायजरी

DGCA की ओर से रविवार को जारी एक एडवायजरी में कहा गया है कि उड़ान में पावर बैंक से मोबाइल, लैपटॉप या कोई भी गैजेट चार्ज नहीं कर सकते। यहां तक कि प्लेन की सीट में लगे पावर सॉकेट से भी पावर बैंक को चार्ज नहीं कर सकते। यह एडवायजरी दुनिया भर में लिथियम बैटरी के ओवरहीटिंग या आग पकड़ने की कई घटनाओं के बाद आई है। पावर बैंक और स्पेयर लीथियम बैटरी सिर्फ हैंड बैगेज या कैबिन बैग में ही ले जा सकते हैं। इन्हें ओवरहेड बिन यानी सिर के ऊपर जो शेल्फ बनी होती हैं, जहां यात्री अपना सामान रखते हैं, उसमें भी नहीं रख सकते हैं। चेक-इन बैगेज में तो पहले से ही बैन है।

नवंबर में जारी हुआ था सर्कुलर

दरअसल, DGCA ने नवंबर में एक ‘Dangerous Goods Advisory Circular’ जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि पावर बैंक और स्पेयर बैटरी केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की इजाजत होगी। उन्हें ओवरहेड कम्पार्टमेंट में लेकर नहीं जा सकते। यह नियम इसलिए बनाया गया क्योंकि ओवरहेड केबिन में होने वाली किसी भी आग का आसानी से पता नहीं चल पाता।

सर्कुलर में कहा गया "आजकल ज्यादातर रिचार्ज होने वाले उपकरणों जैसे मोबाइल, लैपटॉप में लीथियम बैटरी का इस्तेमाल होता है। इसलिए हवाई जहाज़ में लोग ज्यादा लीथियम बैटरी ले जाने लगे हैं। पावर बैंक, पोर्टेबल चार्जर और ऐसे ही बाकी उपकरणों में मौजूद लीथियम बैटरी आग लगने का कारण बन सकती हैं और प्लेन के अंदर आग लग सकती है।

प्रतिबंध लगाने की वजह

DGCA के सर्कुलर में कहा गया "ओवरहेड स्टोरेज बिन या हैंड बैगेज में रखी लीथियम बैटरी छिपी रह सकती हैं, उन तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है या यात्री और क्रू उन्हें आसानी से देख नहीं पाते। इससे धुआं या आग का पता लगने में देरी हो सकती है और उसे बुझाने की कार्रवाई भी देर से हो पाती है, जिससे उड़ान की सुरक्षा को ज्यादा खतरा हो जाता है।"

DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों द्वारा ले जाए जा रहे लीथियम बैटरी से जुड़े मौजूदा सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन की समीक्षा करें। बैटरी से संबंधित आग की घटनाओं को रोकने के लिए ज्यादा सख्त उपाय अपनाने को कहा गया है। रेगुलेटर ने सभी क्रू मेंबर्स के लिए बेहतर ट्रेनिंग पर जोर दिया है, ताकि क्रू जल्दी आग के संकेत पहचान सकें और सही कार्रवाई कर सकें। एयरलाइंस को जहाज में आग बुझाने के उपकरण और सुरक्षा सामान रखने को कहा गया है। इसके अलावा, एयरलाइंस को नए नियमों के बारे में यात्रियों को अनाउंसमेंट के जरिए सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

Updated on:
04 Jan 2026 05:49 pm
Published on:
04 Jan 2026 05:43 pm
Also Read
View All
HFCL Share Price 8th September 2026: 6 महीने में 260% रिटर्न, क्या है शेयर में इस तेज उछाल की वजह? एक्सपर्ट ने बताया आगे क्या करें निवेशक

Samsung India Layoffs: सैमसंग ने भारत में शुरू की छंटनी, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की 25% मार्केटिंग टीम को लग सकता है झटका, जानिए क्या है वजह

Stock Market Today: बाजार खुलते ही 400 पॉइंट टूटा सेंसेक्स, रियल एस्टेट और IT स्टॉक्स गिरे, उधर मेटल शेयरों में दिखी तेजी

Vijay Kedia ने कैसे Neuland Laboratories के शेयर से लिया करीब 100 गुना रिटर्न, जानिए उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी

Gold न खरीदने की PM Modi की अपील क्या कर गई काम? अगस्त में भारत ने 30% कम मंगाया सोना, देखिए कैसे तेजी से बदले आंकड़े