
Home Loan Planning Tips: बेसिक होम लोन (BASIC Home Loan) के सीईओ और को-फाउंडर अतुल मोंगा का कहना है कि लंबी अवधि का लोन, कम डाउन पेमेंट, छिपे हुए चार्जेस को नजरअंदाज करना, खराब क्रेडिट स्कोर और अपनी क्षमता से ज्यादा लोन लेना ये कुछ खास गलतियां हैं, जिनसे पूरा लोन चुकाने की लागत काफी बढ़ सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अतुल मोंगा के अनुसार, पहली बार घर खरीदने वाले कई लोग ईएमआई की राशि बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसा करने से लॉन्ग टर्म में कुल चुकाई जाने वाली रकम बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। इससे आपके द्वारा खरीदी गई संपत्ति महंगी हो सकती है। उनका कहना है कि ऐसी अवधि चुननी चाहिए, जिससे किस्त का भुगतान करना आसान हो और एक्स्ट्रा ब्याज चुकाने से बचा जा सके।
लोन चुकाने की अवधि को लंबा करना भी महंगा साबित होता है। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 60 लाख रुपये का होम लोन 20 साल की जगह 30 साल के लिए लेता है, तो उसकी मासिक ईएमआई जरूर कम हो जाएगी। लेकिन पूरे लोन की अवधि में ब्याज के रूप में कई लाख रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं। इसलिए लोन की अवधि के साथ कुल ब्याज का हिसाब भी देखना चाहिए।
अगर खरीदार बहुत कम डाउन पेमेंट करता है तो उसे ज्यादा रकम का लोन लेना पड़ता है। इससे ब्याज का बोझ भी बढ़ जाता है और कुल भुगतान अधिक करना पड़ता है। इसलिए जहां तक संभव हो, ज्यादा डाउन पेमेंट करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि लोन का बोझ कम रहे।
लोन से घर खरीदते समय केवल ईएमआई का ही खर्चा नहीं आता। रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, मेंटेनेंस और संपत्ति से जुड़े अन्य खर्च भी कुल लागत का हिस्सा होते हैं। अगर इन खर्चों को पहले से नहीं जोड़ा जाए तो बाद में मासिक बजट पर दबाव बढ़ सकता है।
मोंगा का कहना है कि कमजोर क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक अधिक ब्याज दर पर लोन दे सकते हैं। इससे ईएमआई और कुल भुगतान दोनों बढ़ जाते हैं। वहीं, खरीदार को उतना ही लोन लेना चाहिए, जितनी ईएमआई वह कोई इमरजेंसी आने या रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने के बाद भी चुका सके।