
Home loan की ब्याज दर रेपो रेट के हिसाब से होती है। (PC: Freepik)
Home Loan Interest Rate: RBI द्वारा अपनी रेपो रेट में बदलाव करने पर होम लोन लेने वालों की EMI में भी बदलाव होता है। जब भी RBI अपनी रेपो रेट में कटौती करती है तो इससे ग्राहकों को राहत मिलती है। लेकिन यह राहत सीधे रेपो रेट कम होते ही नहीं मिलती। ऐसा इसलिए क्योंकि राहत इस बात पर निर्भर करती है कि आपका लोन MCLR से जुड़ा हुआ है या EBLR से।
भारत में होम लोन की फ्लोटिंग ब्याज दरें दो बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं। पहला है MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट। MCLR आधारित होम लोन पर RBI की रेपो दर में बदलाव का असर तुरंत नहीं पड़ता। क्योंकि MCLR रेट बैंकों द्वारा अपनी लागत के हिसाब से तय की जाती है। RBI के नियमों के अनुसार बैंकों को हर महीने MCLR की समीक्षा और संशोधन करना होता है।
वहीं, दूसरा बेंचमार्क है EBLR यानी एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट। EBLR रेट आरबीआई की रेपो रेट से सीधे जुड़ी होती है। इसका मतलब है कि RBI की रेपो रेट में बदलाव होने पर आपके होम लोम की EMI में तुरंत बदलाव होता है।
EBLR की शुरुआत RBI ने साल 2019 में की थी। इसलिए अक्टूबर 2019 के बाद लिए गए अधिकतर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन EBLR से जुड़े होते हैं। यहां रेपो रेट घटने का असर आपकी EMI पर तुरंत दिखने लगता है। आरबीआई के रेपो रेट बदलने पर एमसीएलआर लिंक्ड लोन रेट्स की तुलना में ईबीएलआर लिंक्ड लोन रेट्स में तेजी से बदलाव होता है। बैंक की पॉलिसी के अनुसार, आपकी ब्याज दर आमतौर पर हर तीन महीने में रिसेट होती है।
MCLR की शुरुआत साल 2016 में की गई थी इसलिए EBLR के लागू होने से पहले के अधिकतर लोन MCLR से जुड़े हैं। इस बेंचमार्क से जुड़े लोन में राहत आमतौर पर देर से मिलती है। क्योंकि इसमें रेट हर तीन महीने में नहीं बदलती, बल्कि लोन की रिसेट अवधि पर बदलती है। पहले बैंक अपना MCLR बदलेगा, फिर आपके लोन की अगली रिसेट डेट आएगी तब जाकर आपको फायदा मिलेगा। लोन की रिसेट डेट आमतौर पर हर छह महीने या एक साल में होती है, इसलिए फायदा देर से मिलता है।
एक्सपर्टस के मुताबिक, MCLR से EBLR में स्विच करना फायदेमंद होगा या नहीं, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि बेंचमार्क स्विच करने से पहले मौजूदा ब्याज दर और EBLR दर का फर्क कितना है। साथ ही स्विच करने पर लगने वाला चार्ज कितना है। इन दोनों का हिसाब लगाने पर ही सही फैसला लिया जा सकता है।
Published on:
11 Jun 2026 03:22 pm
