2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 पॉइंट उछला, FMCG और IT सेक्टर में अच्छी खरीदारी, क्या है इस तेजी की वजह?

Share Market on 27th July 2026: पिछले दो रातों से अमेरिका और ईरान के बीच हमले नहीं होने से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। मिडिल ईस्ट में तनाव घटने की उम्मीदों के चलते आज बाजार में तेजी देखी जा रही है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pawan Jayaswal

•

Updated: 27 Jul 2026, 10:21 AM IST

Share Market Today

Share Market बढ़त लेकर बंद हुआ है। (PC: AI)

Why Stock Market Rise Today: भारतीय शेयर बाजार आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारी बढ़त के साथ खुला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेंक्स आज 549 अंक की बढ़त के साथ 76,608.98 पर खुला। शुरुआती कारोबार में सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर यह 0.80 फीसदी या 602 अंक की तेजी के साथ 76,661 पर ट्रेड करता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान पर और 2 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 0.75 फीसदी या 179 अंक की बढ़त के साथ 23,945 पर ट्रेड करता दिखा। आईटी, एफएमसीजी, रियल्टी और फार्मा सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है।

सेंसेक्स के शेयरों का हाल

क्या है बाजार की इस तेजी की वजह

ईरान-अमेरिका तनाव कम होने से बढ़ा भरोसा

करीब दो हफ्तों तक चले हमलों के बाद वीकेंड में ईरान और अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। इससे निवेशकों को उम्मीद जगी कि अब विवाद बातचीत के जरिए सुलझ सकता है। अमेरिका की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने के लिए हमले फिलहाल रोक दिए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने भी पड़ोसी देशों पर जवाबी कार्रवाई रोकने की बात कही। इससे खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही और तेल कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। ईरान ने यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के संचालन को लेकर ओमान के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। दोनों देशों के बीच सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई है।

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

तनाव कम होने का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 5 प्रतिशत से ज्यादा फिसलकर 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि WTI क्रूड करीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। पिछले सप्ताह आशंका थी कि युद्ध बढ़ने पर तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं। इससे दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दबाव बन रहा था। अब तेल सस्ता होने से निवेशकों की चिंता कम हुई है।

गिरावट के बाद निवेशकों ने की खरीदारी

पिछले एक सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली थी। इसी वजह से कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर पहुंच गए। निवेशकों ने इसे खरीदारी का मौका माना और बाजार में वैल्यू बाइंग देखने को मिली। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि आगे बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के हालात पर निर्भर करेंगी। उनका मानना है कि अगर तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो धीरे-धीरे बाजार की स्थिति और बेहतर हो सकती है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी

शेयर बाजार को एक और सपोर्ट अमेरिका से मिला। पिछले सप्ताह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी 10 साल के बॉन्ड की यील्ड घटकर 4.637 प्रतिशत और 30 साल के बॉन्ड की यील्ड 5.122 प्रतिशत पर आ गई है। आमतौर पर जब बॉन्ड यील्ड कम होती है तो निवेशकों का रुझान शेयर बाजार की तरफ बढ़ता है।

विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में आई गिरावट और वैश्विक टेक सेक्टर में बने दबाव के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) दोबारा भारतीय बाजार की ओर रुख कर सकते हैं। भारतीय शेयर बाजार में अलग-अलग सेक्टर्स की मजबूत कंपनियां मौजूद हैं। उभरते बाजारों में ऐसी विविधता कम देखने को मिलती है। ऐसे में विदेशी निवेशक भविष्य में उन बाजारों से पैसा निकालकर भारत की ओर आ सकते हैं, जहां कुछ गिने-चुने शेयरों पर ही पूरा बाजार टिका हुआ है।