दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट को हाल ही फ्रांस में तगड़ा झटका लगा है। फ्रांस ने माइक्रोसॉफ्ट पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसकी वजह है फ्रांस के लोगों की प्राइवेसी पालिसी से जुडी हुई है।
माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है। अमरीका (United States of America) बेस्ड यह टेक कंपनी ग्लोबली फैली हुई है। दुनिया के लगभग हर देश में माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस का इस्तेमाल किया है। माइक्रोसॉफ्ट की पॉपुलैरिटी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति को माइक्रोसॉफ्ट के बारे में पता होता है। दुनियाभर में फैले होने की वजह से माइक्रोसॉफ्ट न बिज़नेस भी शानदार है। पर हाल ही में कंपनी को फ्रांस में तगड़ा झटका लगा है।
फ्रांस में लगा भारी जुर्माना
हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट पर फ्रांस (France) में भारी जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना 60 मिलियन यूरोस का है, जिसकी भारतीय मुद्रा में वैल्यू करीब 527 करोड़ रुपये है।
2022 में लगा सबसे बड़ा जुर्माना
फ्रांस द्वारा माइक्रोसॉफ्ट पर लगाया गया 60 मिलियन यूरोस (करीब 527 करोड़ रुपये) का यह जुर्माना इस साल में अब तक लगा सबसे बड़ा जुर्माना है।
फ्रांस के माइक्रोसॉफ्ट पर जुर्माना लगाने की क्या है वजह?
फ्रांस के माइक्रोसॉफ्ट पर जुर्माना लगाने की वजह फ्रांस के लोगों की प्राइवेसी से जुडी हुई है। नेशनल कमीशन फॉर टेक्नोलॉजी एंड फ्रीडम्स (National Commission for Technology and Freedoms - CNIL) ने जानकारी देते हुए बताया कि माइक्रोसॉफ्ट का सर्च इंजन बिंग (Bing) का जो सिस्टम सेटअप है, वो इस तरह बना हुआ है जिससे यूज़र्स को कुकीज़ को रिजेक्ट करने का ऑप्शन नहीं मिलता। ऐसे में कई बार न चाहते हुए भी यूज़र्स को बिंग सर्च इंजन की कुकीज़ एक्सेप्ट करनी पड़ती हैं। इन कुकीज़ का इस्तेमाल एडवर्टाइज़िंग के लिए किया जाता है। ऐसे में यूज़र्स की प्राइवेसी को खतरा रहता है। प्राइवेसी के इस उल्लंघन को देखते हुए ही फ्रांस ने माइक्रोसॉफ्ट पर जुर्माना लगाया है।