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अब कम पैसों में कर सकेंगे F&O ट्रेडिंग, आज से घटा लॉट साइज, छोटे निवेशकों को फायदा

Futures and Options Lot Size: फ्यूचर्स एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में आज से लॉट साइज बदल रहा है। वित्त वर्ष 2025 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वाले 91 फीसदी निवेशकों को नुकसान हुआ था।

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Dec 31, 2025
F&O के लॉट साइज में बदलाव हो रहा है। (PC: AI)

F&O Trading: एनएसई के कई इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लॉट साइज में आज से बदलाव किया जा रहा है। इसका मकसद रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और रिस्क को सीमित करना है। अब कम पूंजी में भी एफएंडओ ट्रेडिंग संभव होगी। यह बदलाव सेबी के निर्देशों के तहत हो रहा है, जिसमें उसने कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू को 10 से 15 लाख रुपये के बीच रखने का निर्देश दिया था।

लॉट साइज घटने से ट्रेडर्स को पोजीशन साइज और मार्जिन कैलकुलेशन में बदलाव करना होगा। छोटे लॉट साइज के कारण कम पूंजी में भी इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग संभव होगी, जिससे शेयर बाजार में निवेशकों की भागीदारी और लिक्विडिटी बड़ सकती है।

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PC: File Photo

91% निवेशकों ने एफएंडओ में गंवाए पैसे

वित्त वर्ष 2024-25 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वाले 91% निवेशकों को नुकसान हुआ है। करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये का औसत नुकसान खुदरा निवेशकों को उठाना पड़ा।

क्या करें निवेशक?

विशेषज्ञों का कहना है कि एफएंडओ ट्रेडिंग हाई रिस्क वाला सेगमेंट है। छोटे लॉट साइज से एंट्री आसान होगी, लेकिन बिना रणनीति और अनुशासन के ट्रेड करना नुकसानदायक हो सकता है। निवेशकों को स्टॉप लॉस, पूंजी प्रबंधन और सीमित ट्रेडिंग पर ध्यान देना चाहिए।

सेबी दे रहा चेतावनी

सेबी ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग को लेकर निवेशकों को सतर्क किया है। सेबी के मुताबिक, डेरिवेटिव सेगमेंट में अधिकतर रिटेल निवेशक नुकसान उठाते हैं। बिना समझ और अनुभव के इसमें प्रवेश न करें।

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Published on:
31 Dec 2025 12:47 pm
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