Gold Price Outlook: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ डेविड टैट का मानना है कि साल 2026 में भी सोने की कीमतों में तेजी जारी रहेगी। उनके अनुसार सोने में तेजी की वजह बढ़ता हुआ वैश्विक कर्ज है।
Gold Price Outlook: साल 2006 में सोने की कीमत 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। जब हम साल 2026 की दहलीज पर खड़े हैं, तो सोना 1,35,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यानी 19 साल में सोना 1250% रिटर्न दे चुका है। अब सवाल है कि सोना 2026 में कहां जाकर रुकेगा। क्या अगले साल सोना 2 लाख का आंकड़ा छू सकता है?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ डेविड टैट के अनुसार वैश्विक कर्ज में बढ़ोतरी सोने की कीमतों में आई तेजी का सबसे बड़ा कारण है। टैट के मुताबिक, टैरिफ और अल्पकालिक मैक्रोइकोनॉमिक घटनाएं महज “साइड शो” हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सोने की लॉन्ग टर्म तेजी अस्थायी भू-राजनीतिक घटनाओं पर नहीं, बल्कि गहरी स्ट्रक्चरल समस्याओं पर आधारित है।
डेविड टैट का मानना है कि साल 2026 में भी सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी। उन्होंने सोने में तेजी जारी रहने के 6 प्रमुख कारण बताए हैं:
टैट के अनुसार, ये फैक्टर्स साल 2026 में भी सोने में तेजी को जारी रखने का काम करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सोने में मौजूदा तेजी का मुख्य कारण यूक्रेन युद्ध या टैरिफ विवाद नहीं है। क्योंकि ऐसे इवेंट आते-जाते रहते हैं। प्रमुख वजह सरकारों के अत्यधिक खर्च से पैदा होने वाला वित्तीय दबाव है। उन्होंने ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सरकार खर्च पर काबू पाने के लिए जूझ रही है।
टैट ने कहा कि अगले साल यानी 2026 तक सोने की कीमत के 6,000 डॉलर प्रति औंस (करीब 1,92,800 रुपये प्रति 10 ग्राम) तक पहुंचने में बहुत ज्यादा मुश्किलें नहीं हैं। टैट के अनुसार, जब तक वैश्विक कर्ज में ठोस कमी नहीं आती, तब तक इस तेजी के रुकने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक आगे भी अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाते रहेंगे। साथ ही निवेशकों की ओर से सोने की मांग समय के साथ लगातार बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को और सपोर्ट मिलेगा।