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Gold Price Outlook: सोने में क्या अभी करनी चाहिए खरीदारी या और टूटेंगे भाव, एक्सपर्ट से समझिए

Gold Rate Today: पिछले 3 महीने में सोने और चांदी दोनों ने निगेटिव रिटर्न दिया है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद हाई यूएस फेड रेट के चलते गोल्ड में गिरावट आई है।
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Jun 10, 2026
Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: सोने-चांदी में गिरावट (PC: AI)

Gold Price Today: सोने की कीमतों में पिछले तीन महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। रिटर्न के हिसाब से देखें, तो तीन महीने, एक महीने और एक हफ्ते में सोने का रिटर्न निगेटिव ही रहा है। बुधवार को भी सोने में अच्छी-खासी गिरावट देखी जा रही है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह साढ़े 12 बजे 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव 4300 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या यह सोने में निवेश का सही समय है? आइए जानते हैं कि एक्सपर्ट क्या कहते हैं।

पिछले 3 महीने में कितना रहा सोने का रिटर्न?

घरेलू वायदा कीमतों की बात करें, तो एमसीएक्स एक्सचेंज पर सोने का वायदा भाव 9 मार्च 2026 को 1,68,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं 9 जून 2026 को यह भाव 1,52,443 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस तरह तीन महीने में सोने की कीमत में 15,907 रुपये की गिरावट आ चुकी है। वहीं, बीते एक महीने में भी सोने ने निगेटिव रिटर्न ही दिया है।

3 महीने में कितनी टूटी चांदी?

चांदी की बात करें, तो एमसीएक्स एक्सचेंज पर 9 मार्च को चांदी का भाव 2,74,354 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, 9 जून को यह कीमत 2,38,528 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इस तरह तीन महीने में कीमत 35,826 रुपये टूट चुकी है।

कितना गिर सकता है सोना?

निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि एमसीएक्स गोल्ड की कीमत इस समय 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड कर रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और सेफ हैवन डिमांड ने सोने को सपोर्ट किया था। लेकिन शॉर्ट टर्म में अब सोने में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे कीमत 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तरफ जा सकती हैं।

डॉलर और हाई बॉन्ड यील्ड से बनेगा दबाव

डॉ रवि ने कहा कि यूएस डॉलर इंडेक्स और यूएस फेड रेट जैसे ग्लोबल फैक्टर्स कीमतों को प्रभावित करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर डॉलर आगे मजबूत होता है और बॉन्ड यील्ड उच्च बनी रहती है, तो सोने की कीमतों पर अस्थायी दबाव देखने को मिल सकता है।' रवि ने कहा कि निवेशकों को आरबीआई पॉलिसी फैसलों और चीन के इकोनॉमिक डेटा पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए। क्योंकि दोनों ही कमोडिटी सेंटिमेंट्स को प्रभावित कर सकते हैं।

अभी निवेश करें या नहीं?

डॉ रवि ने लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को सलाह दी है कि वे मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी के बजाए गोल्ड ईटीएफ में एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि Gold Bees या SIP के जरिए सोने में निवेश इस समय सही रणनीति है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सोना 1,40,000 के स्तर तक गिरता है, तो उस समय एकमुश्त पैसा इन्वेस्ट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के समय में सोना हमेशा एक मजबूत एसेट बना रहता है।

Updated on:
10 Jun 2026 12:52 pm
Published on:
10 Jun 2026 12:52 pm