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Gold Imports: सोना-चांदी के आयात पर लगा ब्रेक, बाजार में मच सकती है भारी किल्लत, कीमतें बढ़ने का है डर

Gold Imports: भारत में सोना-चांदी के आयात पर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि सरकार की तरफ से नया आदेश जारी नहीं हुआ है। बैंकों ने आयात रोक दिया है और टनों माल कस्टम में अटका है। इससे आने वाले समय में सप्लाई घटने और कीमतें बढ़ने की आशंका है।

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Apr 17, 2026
Gold Supply
सोने का आयात प्रभावित हुआ है। (PC: AI)

Gold Silver Imports: अक्षय तृतीया से पहले गोल्ड बाजार में अजीब सा सन्नाटा है। वजह यह है कि बैंकों ने विदेश से सोना-चांदी मंगाना लगभग रोक दिया है। हालात ऐसे हैं कि टनों माल कस्टम पर अटका पड़ा है, लेकिन उसे छुड़ाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की तरफ से अभी तक कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है, जिसके बिना सोना और चांदी का आयात आगे नहीं बढ़ सकता। हर साल की तरह इस बार भी उम्मीद थी कि अप्रैल की शुरुआत में आदेश आ जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।

नतीजा ये है कि 5 टन से ज्यादा सोना कस्टम में अटका है। करीब 8 टन चांदी भी क्लियरेंस का इंतजार कर रही है। जब पुराना माल ही बाहर नहीं आ पा रहा, तो नया ऑर्डर कौन देगा? यही वजह है कि बैंकों ने फिलहाल हाथ खींच लिए हैं।

कैसे काम करता है पूरा सिस्टम?

आम तौर पर वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाला डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) हर साल लिस्ट जारी करता है। इसमें बताया जाता है कि कौन-कौन से बैंक सोना-चांदी आयात कर सकते हैं। पिछला आदेश मार्च 2025 तक वैध था। अब नए आदेश का इंतजार हो रहा है। जब तक यह नहीं आता, आयात पूरी तरह ठप ही माना जा रहा है।

सप्लाई पर असर, कीमतें बढ़ने का खतरा

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता और चांदी का सबसे बड़ा खरीदार है। यहां ज्यादातर मांग आयात से ही पूरी होती है। अब अगर आयात नहीं होगा तो क्या होगा? बाजार में कमी आएगी और कीमतें चढ़ सकती हैं। खासतौर पर अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार के बाद प्रीमियम बढ़ने की पूरी आशंका है।

सरकार क्यों लगा रही है ब्रेक?

इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह भी मानी जा रही है। तेल, गैस और खाद की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे देश का आयात बिल बढ़ सकता है। ऐसे में सोना-चांदी का आयात धीमा करने से व्यापार घाटा थोड़ा काबू में रह सकता है और रुपये को सहारा मिल सकता है। सरकार पहले भी रिफाइनरियों को डॉलर की खरीद कम करने के लिए कह चुकी है।

मांग पहले ही कमजोर

2025 में सोने की मांग पहले ही घटकर 710.9 टन रह गई थी, जो पिछले 5 साल में सबसे कम है। अब बाजार पुराने स्टॉक और ETF से निकल रहे सोने के भरोसे चल रहा है।

इंडस्ट्री की चिंता

इंडस्ट्री के लोग साफ कह रहे हैं कि यह स्थिति ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक जल्द स्पष्टता जरूरी है, नहीं तो बाजार में किल्लत और कीमतों में उछाल तय है।

Updated on:
17 Apr 2026 03:13 pm
Published on:
17 Apr 2026 02:17 pm