कारोबार

Gold Silver Price Surge: इजरायल और ईरान युद्ध के बीच सोने-चांदी के बढ़े दाम, जानें कितनी हो गई कीमत

Investment:मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है। सोना 1.66 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.86 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
2 min read
Mar 03, 2026
Gold Silver Price
सोने और चांदी की कीमत। (फोटो स्रोत: पत्रिका।)

Geopolitics : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध (US-Iran War) का सीधा असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर नजर आने लगा है। होली के त्योहार के चलते गुड रिटर्न्स और वायदा कारोबार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों (Gold Price) ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की भारी मांग के चलते सोने का भाव 7,000 रुपये उछल कर 1.66 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। वहीं, चांदी में भी 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम (Silver Rate) की जबर्दस्त तेजी देखी गई, जिससे यह 2.86 लाख रुपये के स्तर पर जा पहुंची।

ऐसे तो निवेशकों का जोखिम प्रीमियम बढ़ेगा (US Iran War)

जनवरी से अब तक सोने में 24% और चांदी में 30% का उछाल आ चुका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव निवेशकों को डरा रहा है, जिससे वे शेयर बाजार छोड़कर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की तरफ भाग रहे हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की उपाध्यक्ष अक्षा कंबोज का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा खिंचता है, तो निवेशकों का जोखिम प्रीमियम बढ़ेगा, जिससे भारत में सोने की कीमतें नए ऐतिहासिक स्तर छू सकती हैं। वहीं, ऑगमॉन्ट गोल्ड की रिसर्च हेड रेनिषा चैनानी के मुताबिक, इतनी ऊंची कीमतों के बावजूद निवेशक गिरावट आने पर लगातार खरीदारी कर रहे हैं।

भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट पर निर्भर(Crude Oil)

सोने-चांदी के साथ-साथ कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भी भारी तेजी आई है। ईरान पर 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट पर निर्भर है। अगर यह तनाव ऐसे ही जारी रहा, तो आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। इस पूरी आर्थिक उथल-पुथल के पीछे अमेरिका और ईरान का महायुद्ध है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में जितना भी समय लगे, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जमीनी सैनिक भेजने पड़े, तो अमेरिका उसके लिए भी तैयार है। दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का मानना है कि यह युद्ध इराक जैसा 'अंतहीन' नहीं होगा, बल्कि इसके नतीजे जल्द और निर्णायक होंगे।