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IPL बना ठाठ-बाट का खेल, सरकार ने GST की दर में किया तगड़ा इजाफा

जीएसटी काउंसिल के मुताबिक 40% दर उन सभी सेवाओं पर लागू होगी जिन्हें लग्जरी या नॉन-एसेंशियल माना गया है।
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Sep 04, 2025
IPL 2025 trophy
IPL पर सरकार ने जीएसटी रेट बढ़ा दिया है। (Photo source: X@/IPL)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच मैदान में बैठकर देखना और महंगा होने वाला है। 22 सितंबर 2025 से लागू नए जीएसटी स्ट्रक्चर के तहत आईपीएल और इस तरह के हाई-प्रोफाइल स्पोर्ट्स इवेंट के टिकटों पर अब 40% जीएसटी लगेगा। पहले इन पर 28% जीएसटी लागू था। यह बदलाव टिकटों को सीधे उस स्लैब में ले गया है, जिसमें कैसिनो, रेस क्लब और लग्जरी गुड्स शामिल हैं।

पहले और अब कितना बढ़ा बोझ?

पहले 1,000 रुपये के टिकट पर 28% टैक्स यानी 280 रुपये जुड़कर कुल कीमत 1,280 रुपये पड़ती थी। अब यही टिकट 40% टैक्स के साथ 1,400 रुपये का होगा। यानी हर 1,000 रुपये खर्च पर 120 रुपये का अतिरिक्त बोझ।

कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं :

  1. 500 रुपये तक का टिकट कोई जीएसटी नहीं लगेगा
  2. 1,000 रुपये का टिकट अब 1,400 रुपये का पड़ेगा (पहले 1,280 रुपये)
  3. 2,000 रुपये का टिकट अब 2,800 रुपये का पड़ेगा (पहले 2,560 रुपये)

किन इवेंट्स पर लागू होगा नया टैक्स?

यह नया 40% टैक्स आईपीएल जैसे बड़े व्यावसायिक टूर्नामेंट्स और हाई-वैल्यू स्पोर्ट्स इवेंट्स पर समान रूप से लागू होगा। घरेलू या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों पर टैक्स 18% ही रहेगा। यानी, अब जीएसटी ढांचा ग्रासरूट लेवल स्पोर्ट्स और कमर्शियल स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट के बीच साफ अंतर दिखाता है।

40% जीएसटी किन-किन पर लगता है?

जीएसटी काउंसिल के मुताबिक 40% दर उन सभी सेवाओं पर लागू होगी जिन्हें लग्जरी या नॉन-एसेंशियल माना गया है। इनमें शामिल हैं:

  1. कैसिनो
  2. घुड़दौड़ (Horse Racing)
  3. लॉटरी
  4. ऑनलाइन मनी गेमिंग
  5. बेटिंग और गैंबलिंग
  6. अब इसमें आईपीएल भी शामिल

सरकार का तर्क और आलोचना

काउंसिल ने इस फैसले को रेवेन्यू एलाइन्मेंट की कवायद बताया है। यानी, सरकार चाहती है कि ऐसे इवेंट्स से ज्यादा टैक्स वसूला जाए जिनमें बड़ी संख्या में लोग ऊंचे दाम चुकाकर शामिल होते हैं।

Updated on:
04 Sept 2025 05:01 pm
Published on:
04 Sept 2025 04:59 pm