
कांग्रेस नेता चिदंबरम ने मनरेगा का नाम बदलने पर जताई आपत्ति। (फोटो : एएनआई)
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित GST दरों में कटौती और स्ट्रक्चर में बदलाव का स्वागत तो किया, लेकिन इसके टाइमिंग पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यह कदम सरकार को बहुत पहले उठाना चाहिए था।
राज्यसभा सांसद चिदंबरम ने एक्स पर लिखा कि GST का पुनर्गठन और विभिन्न वस्तुओं व सेवाओं पर दरों में कटौती स्वागत योग्य है, लेकिन यह 8 साल के इंतजार के बाद हुआ। वर्तमान डिजाइन और अब तक लागू दरों को शुरू में ही नहीं लाया जाना चाहिए था। विपक्ष 2017 से ही इन खामियों के खिलाफ आवाज उठा रहा था, लेकिन हमारी बात अनसुनी की गई।
चिदंबरम ने यह भी अंदेशा जताया कि सरकार को अचानक बदलाव करने पर किन परिस्थितियों ने मजबूर किया होगा।
1; धीमी आर्थिक वृद्धि?
2; बढ़ता घरेलू कर्ज?
3; घटती बचत?
4; बिहार चुनाव?
5; ट्रंप की टैरिफ वॉर?
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GST परिषद के फैसले को नेक्स्ट जनरेशन का सुधार बताया और कहा कि इससे किसानों, MSME, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा। यह बदलाव 22 सितंबर (नवरात्रि के पहले दिन) से लागू होंगे।
Updated on:
5 Sep 2025, 6:05 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 3:29 PM IST
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