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HDFC Share Price: बाजार की रफ्तार तेज फिर भी HDFC शेयर में गिरावट जारी, आखिर क्यों गिर रहा बैंकिंग दिग्गज का शेयर?

HDFC Stock News: बैंक के पूर्व चेयरमैन के अचानक इस्तीफे के बाद शेयर में गिरावट जारी है। मार्च में 10% से ज्यादा गिर चुके स्टॉक पर ब्रोकरेज सतर्क हैं।

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Mar 20, 2026
HDFC बैंक के शेयर में गिरावट जारी है। फोटो: एआइ

शेयर बाजार में तेजी आने के बाद भी शुक्रवार, 20 मार्च को HDFC Bank के शेयर में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। पिछले सत्र की कमजोरी के बाद स्टॉक में लगातार दूसरे दिन दबाव बना रहा। इस गिरावट की बड़ी वजह नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) का अचानक इस्तीफा है, जिसमें उन्होंने ‘वैल्यू और एथिक्स’ को लेकर मतभेद का हवाला दिया। इंट्राडे में शेयर 2 प्रतिशत गिरकर 781 रुपये तक पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 52 हफ्ते के निचले स्तर 772 रुपये के करीब बना रहा।

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मार्च में 10% से ज्यादा गिरावट

मार्च महीने में अब तक HDFC Bank के शेयर में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हो चुकी है। यह गिरावट मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट की ओर इशारा कर रही है। निवेशकों में असमंजस का माहौल बना हुआ है, जिससे लगातार बिकवाली देखी जा रही है। हालांकि बैंक का फंडामेंटल मजबूत माना जाता है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने बाजार में भरोसे को प्रभावित किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है।

निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश

इस्तीफे के बाद बैंक ने निवेशकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल आयोजित की, जिसमें अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री (Keki Mistry) ने कहा कि यह मामला मुख्य रूप से रिलेशनशिप इश्यू से जुड़ा हो सकता है और इसमें कोई गंभीर गवर्नेंस समस्या नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक के संचालन और गवर्नेंस पूरी तरह स्थिर हैं। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी अपने आकलन में किसी बड़ी गवर्नेंस चिंता से इनकार किया है, जिससे कुछ हद तक निवेशकों को राहत मिली है।

क्या अभी खरीदारी सही है?

कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शेयर में गिरावट जारी रह सकती है, इसलिए नए शेयर खरीदने से बचना चाहिए। ब्रोकरेज हाउस का नजरिया फिलहाल सतर्क बना हुआ है। जेएम फाइनेंशियल जैसे संस्थानों का मानना है कि निकट अवधि में स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि निवेशक मैनेजमेंट और बोर्ड को लेकर अधिक स्पष्टता चाहते हैं। वहीं मोतीलाल ओसवाल और एंटीक ब्रोकिंग ने लॉन्ग टर्म में संभावनाएं देखते हुए बाय रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस में कुछ कटौती की गई है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले महीनों में MD और CEO के कार्यकाल के नवीनीकरण का मुद्दा भी शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस और स्थिर मैनेजमेंट से ही निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौट सकता है।

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Updated on:
20 Mar 2026 12:10 pm
Published on:
20 Mar 2026 12:08 pm
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