
LNG प्लांट। फोटो: एआइ
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है। पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का बंद होना और अब हाल ही में कतर के प्रमुख LNG इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले ने ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मचाई है। ईरान के द्वारा किए गए हमलों से कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित LNG प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे यूरोप में गैस कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है।
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित दुनिया के सबसे बड़े LNG एक्सपोर्ट हब पर मिसाइल हमलों से बड़े स्तर पर आग और नुकसान हुआ है। यह प्लांट वैश्विक LNG सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा उपलब्ध कराता है। पहले से ही युद्ध के कारण सप्लाई रुकी हुई थी, लेकिन अब ताजा हमलों के बाद लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर सिर्फ यूरोप ही नहीं, बल्कि एशिया के बाजारों पर भी पड़ेगा, जहां LNG की भारी मांग रहती है।
हमलों के बाद यूरोप के बेंचमार्क गैस फ्यूचर्स में 35 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। कीमतें अब युद्ध शुरू होने के बाद से दोगुनी से ज्यादा हो चुकी हैं। नीदरलैंड आधारित ट्रेडिंग में फ्रंट मंथ फ्यूचर्स करीब 23 प्रतिशत बढ़कर 67.35 यूरो प्रति मेगावाट घंटा तक पहुंच गए। यूरोप इस समय सर्दियों के बाद अपने गैस स्टोरेज को फिर से भरने की प्रक्रिया में है, ऐसे में सप्लाई में कमी और एशियाई देशों के साथ प्रतिस्पर्धा से कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।
इस संकट का असर अब ग्लोबल लेवल पर दिखने लगा है। रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी और अन्य गैस सुविधाओं को हुए नुकसान के चलते सप्लाई बैलेंस बिगड़ सकता है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर अनिश्चितता भी जोखिम बढ़ा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चेतावनी दी है कि दोबारा हमले होने पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। विश्लेषकों का कहना है कि अगर मरम्मत में लंबा समय लगा तो गैस बाजार में अस्थिरता महीनों या सालों तक बनी रह सकती है।
Published on:
19 Mar 2026 05:24 pm
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